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अब नहीं भटकेंगे किसान, मोबाइल एप करेगा हर मुश्किल हल

Fri, 02 Sep 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 02 Sep 2016 12:45 AM IST
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mobile app for agriculture and farming.
mobile application

किसानों को अब अपनी समस्याओं के समाधान और कृषि संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान संस्थान का मोबाइल एप इसमें उनका सहारा बन रहा है। इससे उन्हें घर बैठे आवश्यक जानकारियां मिल रही है, साथ ही समस्याओं का समाधान भी मिल रहा है। एप के जरिये किसान अपनी मिट्टी, खेती, फसल को लेकर किसी भी तरह के सवाल पूछ सकते हैं।

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संस्थान ने पर्सनलाइज्ड एडवाइजरी ऑन वाटर एंड सॉयल (एम-पीएडब्ल्यूएस) नाम से मोबाइल एप तैयार किया है। इसके जरिये किसानों को उस क्षेत्र विशेष के मौसम, मिट्टी की रिपोर्ट, रसायनों की उपलब्धता, बेहतर गुणवत्ता के बीज, समय के अनुसार जरूरी खाद व कीटनाशक समेत अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध हो जाएंगी। खास बात यह है कि इसमें केवल उन्हीं किसानों को यह जानकारी भेजी जाएगी जो उस क्षेत्र विशेष या फसल विशेष से जुड़े हुए हों।
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वॉयस रिकॉर्ड करके भेजें समस्या
किसी भी तरह की समस्या या सवाल होने पर किसान वॉयस रिकॉर्ड कर विशेषज्ञों को भेज सकते हैं। इसके अलावा फोटो और वीडियो के जरिये भी समस्याएं पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को लिखने और पढ़ने में समस्या ना हो इसलिए यह सुविधा दी गई है। उदाहरण के लिए किसी किसान को फसल पर लगे कीड़ों के संबंध में जानकारी चाहिए तो वह उस फसल का फोटो खींचकर भेज सकता है। विशेषज्ञ इन सवालों का 24 घंटे के भीतर जवाब देंगे। यह जवाब भी किसान को विशेषज्ञ की आवाज में रिकॉर्ड कर भेजा जाएगा।
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ट्रायल पर चल रहा एप
अभी यह मोबाइल एप ट्रायल पर चल रहा है। जिसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों के 360 किसानों को पंजीकृत किया गया है। यह किसान उन क्षेत्रों के हैं, जहां की मिट्टी की हाल में जांच हुई है। मिट्टी की रिपोर्ट के आधार पर किसानों को जानकारी दी जाती है।


मोबाइल एप एम पॉस का फिलहाल ट्रायल चल रहा है। किसानों को इसका फायदा भी मिल रहा है। उनके सुझावों के आधार पर नए फीचर्स जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि यह अधिक फायदेमंद हो।
-डॉ. लाखन सिंह, विभागाध्यक्ष, मानव संसाधन

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