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विधायक चैंपियन की पत्नी के कोट पर फिर उठे सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Jul 2014 12:52 PM IST
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कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी के कोट के मामले की जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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एजेंसी की मंशा पर संदेह
आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में आयोग ने मामले में जांच के तथ्य छुपाने और जानबूझकर सूचना न देने पर एजेंसी की मंशा पर संदेह जताया है।
मामले में प्रभागीय वनाधिकारी और लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दून में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी गुलदार की खाल से मिलता-जुलता कोट पहनकर विधानसभा पहुंच गईं थी।
इस पर हंगामा हुआ तो विधायक का कहना था कि कोट गुलदार की खाल से नहीं बना है। बाद में वन विभाग की टीम ने विधायक की पत्नी का कोट फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था।
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इस मामले में दून निवासी गौरी मुलेखी ने आरटीआई के तहत कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। गौरी ने पूछा कि कोट को फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेजते समय क्या बरामदगी की फोटो भी भेजी गई थी।
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यह जानकारी भी इसलिए मांगी गई थी कि इस शक को दूर किया जा सके कि लैब के लिए भेजा गया कोट बदला तो नहीं गया है। यह जांच वन विभाग के अधिकारी को ही सौंपी गई थी।
आयुक्त ने जाहिर की नाराजगी
राज्य सूचना आयुक्त प्रभात डबराल के सामने हुई इस मामले की सुनवाई में यह तथ्य भी खुलकर सामने आया कि कोट के साथ बरामदगी का कोई फोटो लैब को भेजा ही नहीं गया। आयुक्त ने इस मामले को लेकर हैरानी और नाराजगी जाहिर की है।
कोर्ट में वन विभाग के जांच अधिकारी ने रिपोर्ट ने पेश कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोट गुलदार की खाल का नहीं बल्कि कृत्रिम है। जांच रिपोर्ट में यह भी मान लिया गया कि कोट की फोटो लैब नहीं भेजी गई है।
डबराल ने इस बात पर भी गहरी नाराजगी जताई कि मामले में सूचना के अधिकार के तहत गोपनीयता की धारा का उपयोग सूचना न देने के लिए किया गया।
लोक सूचना अधिकारी और गुलदार की खाल के मामले में जांच अधिकारी ने जानबूझकर सूचना नहीं दी। आयुक्त ने जांच कर रहे प्रभागीय वनाधिकारी और लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।