Mission 2024: भाजपा के लिए करिश्मे से कम नहीं होगा कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड, 21 सालों में ऐसा रहा वोट प्रतिशत
भाजपा की इस प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस का प्रदर्शन सीटों (11) के मामले में बेशक बेहद खराब रहा, लेकिन मत प्रतिशत (33.49) के मामले में वह पिछले रिकार्ड के आसपास रखने में कामयाब रही।
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भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रदेश संगठन नेतृत्व को कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड का मंत्र दिया और इसको फूंकने का तरीका बताया। पार्टी कांग्रेस के बरगदी नेताओं को सीधे साधने के बजाय कांग्रेस की नर्सरी में तैयार हो रही पौध को अपनी बगिया में रोपने का बीड़ा उठाएगी। लेकिन क्या कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को साधना उतना सहज है जितना भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मानकर चल रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा यदि ऐसा कर पाती है तो यह किसी करिश्मे से कम नहीं होगा, क्योंकि उत्तराखंड की सियासी जमीन पर कांग्रेस की जड़ें बहुत गहरी हैं। इसके पक्ष में वे राज्य गठन के बाद अब तक हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के आंकड़े बताते हैं। उनके मुताबिक, राज्य में अब तक पांच विधानसभा चुनावों में से दो बार कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब रही।
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यह बात सही है कि भाजपा ने 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में 25.81 वोट प्रतिशत से शुरुआत की जो 2022 के चुनाव में बढ़कर 44 फीसदी (47 सीटें) से ऊपर पहुंच चुका है। पांच विधानसभा चुनावों में 2017 के चुनाव में भाजपा सबसे शानदार प्रदर्शन किया। इस चुनाव में पार्टी ने 46 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए और 56 विस सीटें जीतीं।
लेकिन भाजपा की इस प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस का प्रदर्शन सीटों (11) के मामले में बेशक बेहद खराब रहा, लेकिन मत प्रतिशत (33.49) के मामले में वह पिछले रिकार्ड के आसपास रखने में कामयाब रही। 2022 के चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर प्रचंड दोहराई और 47 सीटें जीतीं। लेकिन पिछले चुनाव की तुलना में उसका मत प्रतिशत (44.3) कम हो गया। मगर कांग्रेस ने 19 सीटों के साथ अपने वोट प्रतिशत को 38 फीसदी तक पहुंचा दिया।
सांगठनिक तैयारियों में भाजपा बहुत आगे
सियासी जानकार का मानना है कि सांगठनिक और चुनावी तैयारियों के मामले में भाजपा बेजोड़ है। उसकी तुलना में कांग्रेस का संगठन पारंपरिक वोट बैंक के सहारे अपने गतिविधियों को जिंदा रखे हुए है। भाजपा के प्रदेश संगठन में केंद्रीय नेतृत्व के अनुशासन का डर साफ दिखाई देता है जबकि कांग्रेस के प्रांतीय दिग्गजों की बयानबाजियों से कई बार गुटबाजी की गंध आती है। खुद कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता क्षत्रपों की खींचतान और खेमेबंदी को पार्टी के लिए सबसे बड़ी बाधा मानते हैं।
पिछले पांच विस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस वोट प्रतिशत
चुनाव भाजपा कांग्रेस
2002 25.81 26.91
2007 31.90 29.59
2012 33.38 34.03
2017 46.50 33.49
2022 44.33 37.91
भाजपा अब कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड के लिए अभियान चलाएगी। बूथ स्तर पर पार्टी विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को पार्टी में लाने का काम करेगी।
- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
भाजपा को कांग्रेस का इतिहास जान लेना चाहिए। उसके नेताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है। दूसरे दलों में तोड़फोड़ करना इनकी फितरत है। देहरादून में दो दिन भाजपा नेताओं ने चर्चा की लेकिन अंकिता भंडारी, जोशीमठ आपदा और भर्ती घोटाले सरीखे मुद्दों पर बात तक करना जरूरी नहीं समझा।
-करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस