तीर्थयात्री भटका, पढ़िए कैसे बीते पहाड़ पर 17 घंटे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
20 मई को चतुर्थ केदार रुद्रनाथ ट्रैक पर रास्ते से भटके ग्वालियर के एक तीर्थयात्री को 18 सदस्यीय टीम ने 17 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद ढूंढ निकाला। पुलिस ने तीर्थयात्री का जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। यात्री के परिजन बृहस्पतिवार सुबह दस बजे ग्वालियर से गोपेश्वर पहुंच गए थे।
18 मई को 38 वर्षीय विजय पंवार (फ्लैट नंबर एक, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, दिल्ली, मूल निवासी ग्वालियर) अकेले ही चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के दर्शनों को गए थे। 19 को वह रुद्रनाथ में ही रहे।
20 मई को रुद्रनाथ से पैदल ही माता अनसूया मंदिर के लिए निकले और बर्फ में रास्ता भटक गए। उन्होंने इसकी सूचना अपने पिता सुरेंद्र सिंह पंवार को दी। उन्होंने चमोली जिले के डीएम और पुलिस अधीक्षक से अपने बेटे की खोज की मांग की।
डीएम के निर्देश पर एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम थानाध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में विजय की खोज में निकली लेकिन विजय का पता नहीं चला।
गुफा में बिताई रात, मोबाइल की बैटरी भी खत्म
सर्च टीम ने 20 मई की रात गुफा में बिताई और 21 मई की सुबह टीम ने फिर खोज शुरू की। पित्रधार के समीप चट्टान की चोटी से टीम ने आवाज लगाई तो विजय ने एक सूखे डंडे पर अपनी जॉकेट लपेटकर मौजूदगी का संकेत दिया।
इसके बाद टीम विजय के पास पहुंची और उसे सकुशल सगर गांव ले आई। यात्री विजय ने बताया कि 20 मई को अनसूया मंदिर के पैदल रास्ते पर निकल गया, लेकिन करीब पांच किमी की पैदल दूरी तय करने पर आगे रास्ता नहीं मिला तो मैं घबरा गया। फोन की बैटरी खत्म होने वाली थी।
दोपहर दो बजे अपने पिता को अपनी लोकेशन बताकर भटक जाने की बात कही। रात मैंने जैसे-तैसे गुफा में गुजारी। इसके बाद पुलिस टीम ने मुझे सुरक्षित निकाल दिया। यह रात में ताउम्र नहीं भूलूंगा।