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देहरादून की पेमा बनीं ‘मिस तिब्बत 2015’
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 10 Jun 2015 03:06 PM IST
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देहरादून की पेमा चोडन ने हिमाचल में रविवार को हुई प्रतियोगिता में ‘मिस तिब्बत 2015’ का खिताब जीता।
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पेमा ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। आंटी ने उसका पालन-पोषण किया। वह प्रोफेसर बनना चाहती हैं। 24 वर्षीय पेमा सहस्त्रधारा स्थित डिक्किलिंग कॉलोनी में रहती है। जब पेमा पहली कक्षा में थी बीमारी से मां की मृत्यु हो गई।
कक्षा दो में पहुंची तो पिता की भी बीमारी से मौत हो गई। माता-पिता की ठीक से याद तो नहीं लेकिन आंटी डॉ. सोनम ही अब उसके लिए सब कुछ हैं। जिन्होंने माता-पिता के दुनिया से जाने के बाद पेमा को पाला। पेमा ने बताया कि उन्होंने मसूरी के तिब्बेतियन होम स्कूल से पढ़ाई की।
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फिर दिल्ली से बीए और एमए किया। पेमा का सपना प्रोफेसर बनने का है। बताया कि विजेता बनने पर क्राउन के साथ ही एक लाख रुपए का चेक भी मिला है। वह समाजसेवा भी करना चाहती हैं।
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प्रतियोगिता में थे तीन प्रतिभागी
इस साल प्रतियोगिता में तीन ही प्रतिभागी थीं। दून की पेमा के अलावा दो प्रतिभागी नेपाल से थीं। वर्ष 2014 में एक ही प्रतिभागी थी। वर्ष 2002 से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में अब तक अधिकतम चार या पांच प्रतिभागी ही रहे हैं। पेमा ने बताया कि प्रतियोगिता में बिकनी राउंड होने की वजह से प्रतिभागी हिस्सा नहीं लेते।
हालांकि इस साल बिकनी राउंड नहीं रखा गया था, लेकिन मैं लड़कियों को इसके लिए प्रोत्साहित करती हूं। उन्हें किसी भी तरह के कंपीटिशन से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि बिकनी राउंड को भी सकारात्मक नजरिए से देखते हुए ऐसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहिए।