अपने ही चाचा के बच्चे की माँ बनी नाबालिग, फिर फूट-फूट कर रोई
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धारी क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी है। एक नाबालिग लड़की ने अपने ही चाचा के बच्चे को जन्म दिया। सच जानने के बाद भी घरवालों का ऐसा रवैया देखकर बाद में वह बहुत रोई।
पुलिस की पूछताछ से पता चला कि उसके चाचा ने रिश्ते को कलंकित किया है। लोकलाज के चलते किशोरी के पिता ने बच्ची को आशा कार्यकर्ता के सुपुर्द कर दिया।
लेकिन किशोरी की मौसी ने आशा कार्यकर्ता बच्ची छीनने का आरोप लगाकर हंगामा मचा दिया। कोतवाली थाने में मामला पहुंचने पर पुलिस भी पशोपेश में पड़ गई। बाद में बच्ची को उसके नाना-नानी को सौंप दिया गया।
कोतवाल केआर पांडे ने बताया कि एक किशोरी ने आठ दिन पहले महिला अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। पूछने पर पता चला कि नाबालिग से उसके चाचा ने ही संबंध बनाया था।
लोकलाज के चलते किशोरी के पिता ने नवजात बच्ची को आशा कार्यकर्ता को सुपुर्द कर दिया। किशोरी की मौसी भोटिया पड़ाव क्षेत्र में रहती है। बच्ची की सुपुर्दगी की जानकारी मिलने पर मौसी ने आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता ने उससे बच्ची को छीना है।
चाचा को कोसते रहे लोग
इस मामले में शिकायत मिलने पर कोतवाल ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया। आशा कार्यकर्ता ने बताया कि उसका 18 साल का बेटा है। किशोरी के पिता के अनुरोध करने पर उसने बच्ची को लिया था। लोग उसे बधाइयां दे रहे थे।
इस बीच किशोरी के परिजनों ने झगड़ा कर बच्ची को हथिया लिया। पुलिस ने विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के पास भेज दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने नवजात बच्ची को उसके नाना-नानी के सुपुर्द कर दिया है।
कोतवाली में नाबालिग के साथ चाचा द्वारा दुष्कर्म की जानकारी मिलने पर काफी लोग पूछताछ करने के लिए आए। लोग चाचा को कोस रहे थे। कई लोगों ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए किशोरी के माता-पिता पर दबाव बनाया लेकिन वे मुकदमा दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हुए।
किशोरी के माता-पिता को देखकर प्रतीत हो रहा था वे समाज के ताने और मुकदमे की दुश्वारियों से बेबस थे। दोनों का कहना था कि वे गांव में विवाद नहीं पालना चाहते हैं आखिर बदनामी उनकी होगी।