पढ़ें, हैरान करने वाले नन्हें चोरों की बड़ी चोरियां
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पुलिस के कड़े पहरे के बीच देहरादून के डीएवी कॉलेज की जूलॉजी लैब में हुई चोरी को कूड़ा बीनने वाले नाबालिगों के गैंग ने अंजाम दिया था।
पुलिस ने एक नाबालिग और चोरी का सामान खरीदने वाले एक कबाड़ी गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से करीब पौने दो लाख के उपकरण बरामद हुए हैं।
जबकि अन्य सामान सहारनपुर के एक कबाड़ी और फरार तीन साथियों के पास बताया गया है। डालनवाला इंस्पेक्टर अनिल जोशी ने बताया कि रायपुर के चूना भट्टा निवासी एक नाबालिग (16) के अलावा कबाड़ी रंजीत उर्फ करीम को पकड़ा गया है।
इस गैंग के तीन सदस्य अभी फरार है। गैंग में शामिल सूरज बालिग है, जिसके पास दूसरे उपकरण हैं। इनसे पहली चोरी का सामान सहारनपुर निवासी कबाड़ी इसरार ने खरीदा था।
इसरार हफ्ते में एक बार दून में कबाड़ खरीदने के लिए आता है। एसएसपी ने इंस्पेक्टर अनिल जोशी और करनपुर चौकी प्रभारी बलदेव को ढाई हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।
छोटी उम्र के चोरों की फौज हुई खड़ी
देहरादून में छोटी उम्र के हुनरबाजों की फौज खड़ी हो गई है। छोटे उस्ताद बडे़ खिलाड़ियों की माफिक कानून से बेखौफ हैं।
पढ़ने की उम्र में अपराध की डगर पर चल पड़े कच्ची उम्र के हुनरबाजों ने कई बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला है। एक माह में करीब 11 घटनाओं में पकड़े गए चोरों की उम्र 13 से 16 साल के बीच है।
डीएवी कॉलेज की लैब की चोरी में शामिल चार चोरों में से तीन नाबालिग हैं। डीएवी कॉलेज लैब में हुई चोरी में नाबालिगों को उकसाने में सफेदपोश कबाड़ियों की भूमिका उजागर हुई है।
पुलिस पूछताछ में आया कि पहली चोरी तो कूड़ा बीनने वालों ने कबाड़ समझकर की थी, लेकिन उस समय उनके हिस्से में 1300-1300 रुपए आए थे।
पुलिस पूछताछ में आया कि कबाड़ी रंजीत उर्फ करीम ने यह सामान सहारनपुर के कबाड़ी इसरार को बेच दिया था। इसरार ने सहारनपुर से ही रंजीत को फोन कर लैब से अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
कबाड़ी ने लैब में चोरी करने के लिए किया प्रेरित
कबाड़ी रंजीत ने इन चोरों को बुलाकर फिर से लैब में चोरी करने के लिए प्रेरित किया। दूसरा कबाड़ से ज्यादा राशि मिलने पर वह चारों लालच में आ गए।
दूसरी चोरी में यह लोग 25 सूक्ष्मदर्शी ले गए। चोरों को इस बार दो-दो हजार रुपये दिए गए। तीसरी बार फिर यह लोग 14 उपकरण ले गए। नाबालिग चोर का कहना था कि लालच और कबाड़ी के उकसावे में यह घटनाएं अंजाम दी।
पकड़े गए नाबालिग अपराधी
- डीएवी कॉलेज की लैब में चोरी करने वाले चार चोरों में तीन नाबालिग।
- डालनवाला में एक अधिवक्ता और उसके भाई के घर में चोरी करने वाले तीनों कच्ची उम्र के थे।
- चुक्खूवाला में हनुमान मंदिर से गदा चोरी के मामले में तीन नाबालिग चोर दबोच गए।
- घंटाघर स्थित दुकान से एसी खोलने वाले दोनों चोरों की उम्र 15 और 16 साल के बीच थी।
- रेसकोर्स रोड से स्कूटी चुराकर कबाड़ी को बेचने वाला कक्षा नौ का छात्र था।
- रायपुर में चोरी की वारदातों में पकड़े गए तीन युवकों में से एक नाबालिग था, जो पहले भी दो चोरियों में जेल जा चुका है।
- हाथी बड़कला में चोरी के मामले में एक किशोर की संलिप्तता सामने आई थी।
15 हजार में खरीदा लाखों का माल
डीएवी कॉलेज से चोरी कई लाख के लैब उपकरणों को कबाड़ी करीम ने मात्र 15 हजार रुपये में खरीदा था।
कूड़ा बीनने वाले नाबालिग चोरों को इनकी कीमत का सही अंदाजा नहीं था। इससे पहले भी अन्य मामलों में चोरी का माल ठिकाने लगाने में कबाड़ियों की भूमिका सामने आई थी।
कबाड़ी चोरी का माल कौड़ियों में खरीदकर मोटे मुनाफे पर बेच देते हैं।
नाबालिगों का अपराध से बढ़ता जुड़ाव चिंता का विषय है। पुलिस तो कार्रवाई करेगी, लेकिन सामाजिक स्तर पर भी प्रयास की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी को भटकाव से रोका जा सके। कबाड़ियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
- अजय सिंह, एसपी सिटी।