देखिए, पुलिस को कैसे छका रहे हैं ये नन्हें बदमाश
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देहरादून में हो रहे अपराधों में भी नाबालिगों की संलिप्तता से पुलिस परेशान है। नशे की लत में पड़कर नन्हें चोर पुलिस को छका रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस साल करीब 117 नाबालिग पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जिनमें से 46 को हिदायत देकर परिजनों को सुपुर्द किया गया है।
जघन्य अपराध हत्या, जानलेवा हमला, अपहरण, हथियार रखने और नशीले पदार्थों की तस्करी में नाबालिग अपराधियों की संलिप्तता तो है ही, चोरी की वारदातों को सबसे ज्यादा नाबालिगों ने ही अंजाम दिया है। मकान, दुकान के अलावा वाहन चोरी में रोजमर्रा वह पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं।
पुलिस के सामने संकट यह है कि कैसे उन पर काबू पाया जाए। चोरी का माल बरामद होने के बाद भी पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ता है। पुलिस की हिदायत के बाद भी नन्हें अपराधियों पर कोई असर नहीं पड़ता और दोबारा जरायम की दुनिया में सक्रिय हो जाते हैं।
नाबालिग ने ली थी मां की जान
डोईवाला के नकरौंदा में इस साल अगस्त माह में नाबालिग ने मां की हत्या कर दी थी। कम उम्र में नशे की लत का शिकार हुए इस किशोर की साजिश पूरे परिवार को मिटाने की थी। आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया था, जहां से भाग गया था। सितंबर माह में पुलिस जैसे-तैसे उसे पकड़कर वापस लाई थी।
जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधी अब तक कम आयु का फायदा उठा ले जाते थे। उम्र 18 से घटा कर 16 साल करने से अपराध में कमी आएगी।
- राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन
हीनियस क्राइम में नाबालिग की उम्र का दायरा 18 से घटाकर 16 साल होने से उन नाबालिगों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी, जो लगातार अपराध कर रहे हैं।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक