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आखिर घर लौट आया चार साल का मासूम अंकित, देखते ही भर आई मां बाप की आंखें

Mon, 17 Jul 2017 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 17 Jul 2017 08:56 AM IST
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minor ankit return to home after kidnapping 
ankit

लक्ष्मण चौक से अगवा मासूम अंकित एक पखवाड़े के बाद सकुशल बरामद हो गया। कलेजे के टुकड़े को सामने देखकर मां बाप की आंखे भर आई। अंकित को उसके पिता के परिचित लाला ने ही अपने दोस्त राजीव के साथ मिलकर अगवा किया था।

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पकड़े जाने के डर से लाला और राजीव ने अंकित को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और दोनों फरार हो गए थे। रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए अंकित को सहारनपुर जीआरपी ने बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया था। देहरादून पुलिस ने अंकित को लाकर रविवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 
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एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक गांव गया घाट, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी सुरेश साहनी शहर कोतवाली क्षेत्र लक्ष्मण चौक स्थित एक बस्ती में परिवार सहित रहता है। सुरेश पल्लेदारी करता है।
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दो जुलाई को सुरेश का चार साल का बेटा अंकित अचानक लापता हो गया। इससे पहले एक जुलाई को सुरेश के गांव का लाला साहनी अपने दोस्त राजीव साहनी निवासी गांव कटरा, जिला मुजफ्फरपुर के साथ उसके घर आया। लाला बिहार में मजदूरी करता है।

राजीव भी हरियाणा के रेवाड़ी स्थित फैक्ट्री में मजदूर है। एसएसपी के मुताबिक अंकित के गायब होने की सूचना तीन जुलाई को पुलिस को मिली थी। जिस पर आसपास के सीसी फुटेज देखे गए। एक कैमरे में लाला अंकित को ले जाता दिखाई दिया।

minor ankit return to home after kidnapping 

एसएसपी के मुताबिक अंकित के पिता सुरेश ने लाला को तीन जुलाई को फोन किया, बोला कि अंकित को क्यों उठाकर ले गए। उस वक्त राजीव भी लाला के साथ ही था। अंकित उनके चंगुल में था और वो सभी डीएलएस पैसेंजर ट्रेन में सवार थे। अंकित को बेचने के लिए हरियाणा रेवाड़ी ले जा रहे थे। सुरेश का फोन सुनकर लाला और राजीव डर गए।

सहारनपुर पहुंचने से पहले ही ट्रेन से उतर गए। अंकित को चलती हुई ट्रेन में छोड़ दिया। अंकित सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए जीआरपी के एक कांस्टेबल को मिला। कांस्टेबल ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे बाल संरक्षण गृह भेज दिया।  

एसएसपी के मुताबिक पुलिस के डर से लाला बिहार और राजीव हरियाणा भाग गया। उनके मोबाइल की सीडीआर से पुलिस की अलग-अलग टीमें हरियाणा, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अंकित की तलाश में रवाना हो गई।

इन टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिशें दीं, लेकिन किसी का पता नहीं चला। 6 जुलाई को पुलिस ने राजीव साहनी को देहरादून रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। राजीव खुद को बेकसूर बताने के लिए बिहार से दून सुरेश साहनी से मिलने आ रहा था। राजीव से पूछताछ के बाद पुलिस ने लाला साहनी को 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।  

निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पुलिस ने रेलवे और बस स्टेशनों पर अंकित की फोटो चस्पा करवाई। सोशल मीडिया के माध्यम से अंकित की जानकारी शेयर की। बाल सुधार गृहों में छानबीन की।

इसके बाद सहारनपुर जीआरपी थाने के कांस्टेबल मनोज कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से अंकित की पहचाने कर ली। देहरादून पुलिस को सूचना दी कि अंकित को बाल सुधार गृह में दाखिल कराया है। वह तीन जुलाई को स्टेशन पर मिला था। पुलिस अंकित को लेने सहारनपुर पहुंची और दून ले आई। रविवार को अंकित को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। 

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