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जब कृषि मंत्री बोले, दीदी मिनिस्टर ही मत रिटायर होने देना

Wed, 15 Jul 2015 02:13 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 15 Jul 2015 02:13 PM IST
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minister harak singh rawat request to indira hirdayesh.

उत्तराखंड के कृषि मंत्री हरक सिंह देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में पूरी रौ में नजर आए। मंगलवार को नाबार्ड के स्थापना दिवस समारोह में हरक ने अपनी महत्वकांक्षा, चिंता, दर्द, अपने को लेकर मजाक सब एक साथ एक ही समय में मंच से उड़ेल दिया।

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कुछ ठहाके लगे और कुछ में तालियां बजी। मंच साझा कर रही वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश को कुछ बातों की तस्दीक करनी पड़ी तो कुछ बातों पर उन्होंने मुस्करा कर चुप रह जाना ही बेहतर समझा। हरक सिंह खुद को बातों का धनी मानते हैं।
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नाबार्ड के मंच से यह उन्होंने कहा भी। पर संदेश इसका ठीक उलटा देने की कोशिश की। कहा, बात बातों से नहीं काम करके दिखाने से बनेगी। कहा-मैने अपने गांव में आंवले के एक हजार पेड़ लगाए हैं। समय आने पर ये एक हजार पेड़ साल भर में आठ लाख रुपये की आमदनी देंगे।
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प्रदेश का युवा कुछ करना नहीं चाहता। बस नौकरी के पीछे भाग रहा है। उद्यान विभाग ने कुछ युवाओं को माली का प्रशिक्षण कराया। प्रशिक्षण पूरा होने पर युवा नौकरी मांगने उनके पास पहुंच गए। सोचा तो यह था कि प्रशिक्षित होने केबाद अपना काम करेंगे।

लगे हाथों हरक ने अफसरों को भी अर्श से फर्श पर उतार दिया। कहा, यहां काम कोई अफसर काम करना ही नहीं वाहता। प्रदेश में वर्क कल्चर ही समाप्त हो गया है। ऐसे में उनकी भी और मुख्यमंत्री की भी चिंता है कि पहाड़ से पलायन रुके कैसे। कृषि और बागवानी से पलायन को रोका जाना संभव है।

सरकार कोशिश कर भी रही है पर कोई काम करने को राजी नही है। पर हरक अपनी महत्वकांक्षा को उभर कर सामने आने से नहीं रोक पाए। कहा- मै राजनीति में मंत्री के रुप में ही आया था। और अब भी मंत्री ही हूं। फिर इंदिरा हृदयेश से गुजारिश की-दीदी, मंत्री रहते हुए ही रिटायर मत होने देना।

इसके बाद वैज्ञानिकों को सलाह दी कि किसानों के काम आने वाली रिसर्च करें। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय बागवानी मिशन का बजट काट कर उत्तराखंड को झटका दिया है।

सीपी मोहन भी लपेटे में

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सीपी मोहन भी हरक की चुटकियों की घेरे में आए। रौ में आए हरक सिंह ने कहा कि गोष्ठियों में सूट टाई लगाकर बात करने से बात नहीं बनती। फिर ध्यान आया कि मोहन खुद मंच पर सूट पहन कर बैठे हुए हैं। बात संभालते हुये कहा कि आपका स्थापना दिवस है, आपकी मजबूरी है।


मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे

समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत और राजस्व मंत्री यशपाल आर्य को भी पहुंचना था। मुख्य सचिव एन रविशंकर, अपर मुख्य सचिव एस राजू भी नहीं पहुंचे। पर आयोजकों ने यह बताना भी बेहतर नहीं समझा कि मुख्यमंत्री नहीं आ रहे हैं। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश को मुख्य अतिथि बनाकर समारोह शुरू कर दिया गया।

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