आयुष मंत्री हरक सिंह की आंदोलनरत छात्रों से शिकायत, 'सीएम से मिल रहे, विभागीय मंत्री से नहीं मिले'
- कहा, मामला हाईकोर्ट में होने के कारण सरकार विवश
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फीस वृद्धि का विरोध कर रहे निजी आयुर्वेदिक कालेजों के करीब 3000 से अधिक छात्रों की विभागीय मंत्री हरक सिंह से नाराजगी है, तो आयुष मंत्री हरक सिंह की भी छात्रों से शिकायत है। मंत्री का कहना है कि आंदोलनरत छात्र मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं, आंदोलन कर रहें हैं, लेकिन एक बार भी वे विभागीय मंत्री से नहीं मिले।
बकौल हरक सिंह वे हर किसी की बात को सुनते हैं तो इन छात्रों की बात क्यों नहीं सुनते। इतना कहने के बाद हरक सिंह यह कहने से नहीं चूके कि मामला हाईकोर्ट में होने के कारण सरकार के हाथ भी बंधे हुए हैं।
प्रदेश में निजी आयुर्वेदिक कालेजों की ओर से फीस 80 हजार से बढ़ाकर करीब दो लाख रुपये कर दी गई है। इसके बाद से इन कालेजों के छात्र आंदोलनरत हैं। छात्रों ने फीस वृद्धि के विरोध में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने शुल्क निर्धारण समिति को शुल्क निर्धारण करने के लिए कहा था। छात्रों का कहना है कि अभी फीस निर्धारित हुई नहीं है और इससे पहले ही कालेजों ने फीस बढ़ा दी। अब फीस जमा करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले को लेकर छात्र सरकार से खासे नाराज भी हैं।
दूसरी तरफ, आयुष मंत्री हरक सिंह इन छात्रों से नाराज हैं। हरक सिंह का कहना है कि छात्रों ने एक बार भी उन्हें ज्ञापन नहीं दिया। हरक सिंह का यह भी कहना है कि कालेजों के प्रबंधक कह रहे हैं कि 80 हजार रुपये तक ही सीमित रहे तो कालेज बंद करने पड़ेंगे। छात्र कह रहे हैं कि फीस वृद्धि ज्यादा है। मामला हाईकोर्ट में है और इस वजह से सरकार के हाथ भी बंधे हुए हैं।
हरक को अब मिलेगा ज्ञापन
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अब कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है और 14 तथा 15 नवंबर को प्रदेश के सभी 70 विधायकों को शुल्क वृद्धि के विरोध में ज्ञापन सौंपने का निर्णय यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कर चुकी है। ऐसे में हरक सिंह कोटद्वार से निर्वाचित हैं लिहाजा उन्हें भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।