उत्तराखंड: 'दबंग' मंत्री ने चहेते को बनाया सचिव, एक का इस्तीफा
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सरकार पर दबाव बनाकर मनमाने काम कराने वाले कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह की एक और मनमानी सामने आई है। मंत्री ने अपने चहेते रुद्रप्रयाग के मुख्य कृषि अधिकारी विनय कुमार को जैविक उत्पाद परिषद का सचिव बना दिया।
इससे नाराज वर्ष 2003 से बोर्ड में विभिन्न पदों पर रही विनीता शाह ने इस्तीफा दे दिया। मंत्री ने कहा कि उन्हें इस्तीफे की जानकारी नहीं है, लेकिन कोई इस गलतफहमी में न रहे कि वह नहीं रहेंगे तो विभाग नहीं चलेगा।
प्रदेश में नारायण दत्त तिवारी सरकार में मुख्य सचिव आरएस टोलिया ने जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जैविक उत्पाद परिषद का गठन किया था। उस दौरान इसमें विनीता शाह को परिषद का सचिव बनाया गया, वह वर्ष 2003 से परिषद में सचिव और वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर काम करती रहीं है, एक महीने पहले ही उन्हें एक बार फिर परिषद का सचिव बनाया गया था।
पढ़िए, कैसे चहेते को दिलाया बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार
इस बीच संविदा पर रही विनीता को नियमित नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी नियमों के शिथलीकरण की स्वीकृति दी थी, लेकिन उनकी स्वीकृति के साथ ही कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत अपने चहेते रुद्रप्रयाग के मुख्य कृषि अधिकारी विनय कुमार को दून ले आए। विनय कुमार को बोर्ड के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इससे नाराज विनीता ने बोर्ड सचिव को इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों की माने तो उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बोर्ड के सचिव विनय कुमार ने कहा कि विनीता ने उन्हें इस्तीफा दिया है, लेकिन अभी इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ।
बोले मंत्री
मैने पहले विनीता को परिषद का सचिव बनाया था, वह एक महीने इस पद पर रही। लेकिन मुझे प्रमुख सचिव कृषि ने बताया कि विनीता की नियुक्ति गलत हो गई है, इस पद पर कोई सरकारी अधिकारी ही सचिव रह सकता है।
-डॉ. हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री