एक भी मंत्री नहीं पर कैबिनेट में उत्तराखंड का जलवा
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उत्तराखंड से कोई सांसद केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री बना हो या नहीं लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नाम का जलवा कायम है।
राज्य गठन के बाद उत्तराखंड से किसी ना किसी रूप में रिश्ता रखने वाले ज्यादातर नेताओं ने सोमवार को मोदी की टीम में कैबिनेट या राज्यमंत्री शपथ ली।
प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने दर्जनों बार कहा कि मेरा देवभूमि से संवेदनाओं का रिश्ता है। राज्य गठन के बाद वह प्रदेश भाजपा के प्रभारी भी रहे।
राज्य से जुड़े इन दिग्गजों को कैबिनेट में जगह
2001 के बदरीनाथ में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी प्रदेश प्रभारी नरेंद्र मोदी ने कराई थी। उस समय त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रदेश के संगठन महामंत्री थे।
वर्ष 2007 में रविशंकर प्रसाद प्रदेश भाजपा के प्रभारी बने और अब केंद्रीय मंत्री बने है। राजनाथ सिंह 2012 के प्रदेश विधानसभा चुनाव में राज्य के चुनाव प्रभारी रहे और उन्होंने अपने साथ धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव का सह प्रभारी बनाया था।
आज राजनाथ सिंह केंद्र में गृह मंत्री बन गए और धर्मेंद्र प्रधान ने भी केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2007 में प्रदेश भाजपा प्रभारी बने रविशंकर प्रसाद भी मोदी की टीम का हिस्सा बने और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
उमा भारती का है राज्य से गहरा नाता
वर्तमान में प्रदेश भाजपा प्रभारी व बिहार के पश्चिमी चम्पारण से चुनाव जीते राधा मोहन सिंह भी कैबिनेट मंत्री बने है। 2012 तक प्रदेश भाजपा के प्रभारी रहे थावर चंद गहलौत भी आज केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा बन गए।
पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा की चुनाव प्रभारी रही उमा भारती झांसी से सांसद बनी और आज कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेकर टीम मोदी का हिस्सा बनी।
उत्तराखंड से सांसद रह चुकी हैं सुषमा
पिछली भाजपा की खंडू़ड़ी सरकार में राज्य कोटे से राज्यसभा पहुंची सुषमा स्वराज भी केंद्र में हैवीवेट मंत्री बनीं। 2007 के विधानसभा चुनाव में मीडिया संचालन का काम करने वाले प्रकाश जावडेकर भी केंद्रीय मंत्री बने है।
विधानसभा चुनाव 2012 में प्रदेश भाजपा की मीडिया प्रभारी बनकर आई राष्ट्रीय प्रवक्ता निर्मला सीतारमण भी सोमवार को केंद्र में मंत्री बन गई।
केंद्र में अभी तक राज्य से तीन मंत्री
राज्य का गठन हुआ तो राज्य से केंद्र में बीसी खंडूड़ी कैबिनेट मंत्री व बची सिंह रावत केंद्रीय राज्यमंत्री थे। लेकिन 2004 से 2009 तक कोई मंत्री नहीं रहा।
2009 में जब कांग्रेस के पांचों सांसद जीते तो प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह के कुछ दिन बाद हरीश रावत को केंद्रीय संसदीय राज्यमंत्री बनाया गया।
इसके बाद जब विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने तो हरीश को केंद्र में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। इस तरह से केंद्र में भाजपा व कांग्रेस की सरकारों में अभी तक कुल तीन मंत्री रहे हैं।