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उत्तराखंड: नदी के दोनों ओर पुलों के एक किलोमीटर के दायरे में भी होगा खनन
Sun, 20 Oct 2019 01:58 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 20 Oct 2019 01:58 PM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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शासन ने प्रदेश भर में नदी क्षेत्र के दोनों ओर पुलों से एक-एक किमी के दायरे में लगी खनन पर रोक हटा ली है। प्रतिबंध हटने के साथ ही इस क्षेत्र में बंद पड़े खनन के पट्टे खुल गए हैं। ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में लिया गया है। इस संबंध में संयुक्त सचिव औद्योगिक विकास एनएस डुंगरियाल ने शासनादेश जारी कर दिया है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अरविंद कुमार बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य के मामले में 17 अक्तूबर 2016 को प्रदेश भर में नदी क्षेत्र के एक किमी डाउन स्ट्रीम और एक किमी अपस्ट्रीम में खनन कार्य पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे रोक की कार्रवाई को सुनिश्चित करें। न्यायालय के इस फैसले के बाद से पूरे प्रदेश में खनन के पट्टे बंद हो गए थे। उच्च न्यायालय के आदेश को आशीष सहगल ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका दायर कर चुनौती दी थी।
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उनकी याचिका पर तीन जुलाई 2019 को उच्चतम न्यायालय ने नदी क्षेत्र के दोनों ओर खनन पर लगे प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था, लेकिन न्यायालय के इस फैसले के बाद भी रोक बनी रही। शुक्रवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने नदी क्षेत्र में पुलों के आसपास पट्टों पर लगी रोक के संबंध में बैठक हुई। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से चर्चा के बाद विभाग को निर्देश दिए।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नदी क्षेत्र के दोनों ओर पुल के आसपास खनन न होने से कई पट्टे बंद हैं। इससे खनन से होने वाले राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में राजस्व का जो लक्ष्य तय किया था, उससे अभी वो थोड़ा दूर है।