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Dehradun News: मुख्य सचिव से मिलकर पिटकुल एमडी को हटाने की मांग की
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- जन प्रहार संगठन प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव को दिया ज्ञापन, सीएजी जांच की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। जन प्रहार संगठन के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मिलकर हाईकोर्ट के आदेश के तहत पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी को तत्काल हटाने और सीएजी जांच कराने की मांग की।
संगठन की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा कि हाईकोर्ट ने 18 फरवरी को पिटकुल एमडी ध्यानी को तत्काल हटाने का आदेश दिया था लेकिन अभी तक उसका अनुपालन नहीं हुआ। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद यदि संबंधित अधिकारी पद पर बने रहते हैं, तो यह न केवल न्यायालय की भावना के विपरीत है बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। मांग की कि प्रकाश चंद्र ध्यानी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यह जांच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से कराई जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर जनता के सामने रखी जाए।
संगठन के सह संयोजक पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह मामला पिटकुल के एमडी प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति का ही नहीं बल्कि उनके पद पर लगातार कार्यरत रह कर सामान्य रूप से कार्य करने से शासन की पारदर्शिता, नियमों के पालन और सार्वजनिक धन की सुरक्षा से जुड़े सवालों को खड़ा करता है। मुख्य सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। जन प्रहार संगठन के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मिलकर हाईकोर्ट के आदेश के तहत पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी को तत्काल हटाने और सीएजी जांच कराने की मांग की।
संगठन की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा कि हाईकोर्ट ने 18 फरवरी को पिटकुल एमडी ध्यानी को तत्काल हटाने का आदेश दिया था लेकिन अभी तक उसका अनुपालन नहीं हुआ। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद यदि संबंधित अधिकारी पद पर बने रहते हैं, तो यह न केवल न्यायालय की भावना के विपरीत है बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। मांग की कि प्रकाश चंद्र ध्यानी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यह जांच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से कराई जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर जनता के सामने रखी जाए।
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संगठन के सह संयोजक पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह मामला पिटकुल के एमडी प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति का ही नहीं बल्कि उनके पद पर लगातार कार्यरत रह कर सामान्य रूप से कार्य करने से शासन की पारदर्शिता, नियमों के पालन और सार्वजनिक धन की सुरक्षा से जुड़े सवालों को खड़ा करता है। मुख्य सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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