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लालाजी को नहीं भा रहा ऑनलाइन क्लिक
देहरादून/ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2013 10:21 AM IST
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वाणिज्य कर विभाग की ओर से ऑनलाइन त्रैमासिक सावधिक विवरणी भरने की प्रक्रिया और इसके सॉफ्टवेयर पर सवाल उठाते हुए सोमवार को प्रांतीय उद्योग व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य कर विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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व्यापारियों का कहना था कि इस सिस्टम के लागू हो जाने के बाद उन्हें कारोबार में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
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साफ्टवेयर के मारे लालाजी
मंडल के अध्यक्ष अनिल गोयल ने बताया कि वाणिज्य कर विभाग की ओर से जो वर्जन सावधिक विवरणी भरने के लिए इंटरनेट पर अपलोड किया गया है, वह केवल एमएस एक्सल 2007 और इससे ऊपर के सॉफ्टवेयर में ही संचालित किया जा सकता है।
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जबकि तमाम ऐसे व्यापारी हैं, जिनके पास एमएस एक्सल 2003 सॉफ्टवेयर है। ऐसे में इसे भरना ही संभव नहीं है। इसके अलावा यदि किसी व्यापारी का दूसरे राज्य से खरीदा हुआ मामल वापस हो जाता है तो ऐसी स्थिति में क्रय वापस का कोई प्रावधान नहीं है।
डेबिट या क्रेडिट नोट नहीं होता जारी
नई विवरणी दाखिल करने की प्रणाली में व्यापारी को डेबिट या क्रेडिट नोट जारी करने की सुविधा नहीं दी गई है। विवरणी में केवल छह माह की क्रय वापसी का विवरण मांगा गया है, जबकि यदि किसी व्यापारी का माल छह माह बाद वापस होता है तो इसका कोई प्रावधान नहीं है।
विवरणी के कई अनुलग्न अभी तक एक्टिव ही नहीं है। व्यापारियों ने मांग की है कि ऑनलाइन त्रैमासिक विवरणी दाखिल करने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
आदेश हो खरिज
साथ ही ट्रीप सीट में गलती के कारण पंजीकृत व्यापारी के माल रोकने के आदेश तुरंत खारिज किए जाएं। दैवीय आपदा में व्यापारी जब भारी नुकसान से जूझ रहे हैं, ऐसे में विभाग की ओर से कर एवं रिटर्न जमा करने में कम से कम एक वर्ष की छूट दी जाए।
इस अवसर पर उमेश अग्रवाल, नवीन वर्मा, अनिल गोयल, सुरेंद्र प्रभाकर, अमरजीत सिंह, विपिन नागलिया, अखिल भाटिया, मीत अग्रवाल और अनुज जैन आदि मौजूद रहे।