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Dehradun News: जंगली सूअरों का आतंक, रतजगा कर खेतों में पहरा देने को मजबूर किसान
Tue, 11 Aug 2026 11:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:52 PM IST
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जौनसार-बावर क्षेत्र के गांवों में जंगली सूअरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच-छह वर्षों से सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। दिन-रात की मेहनत को पल भर में बर्बाद होते देख किसान अब अपनी फसल बचाने के लिए रातभर जागकर खेतों में पहरा देने को विवश हैं।
क्षेत्र के मटियावा, दोहा, झुसोऊ, भुगतार, जोशी गांव, बडनु, दातनु, समाया, बिजोऊ, गोथान और हमरोऊ गांवों में लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर ही निर्भर है। इन दिनों खेतों में मक्का, राजमा, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल लगी है, जिसे रात के अंधेरे में सूअरों के झुंड तहस-नहस कर देते हैं। परेशान ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से वन विभाग और प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक नतीजा सिफर रहा है।
लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान से चिंतित किसान परिवार अब बारी-बारी से खेतों की रखवाली कर रहे हैं। स्थानीय निवासी संजीव चौहान, दिनेश, महावीर सिंह, धीरेंद्र, रमेश, मोहर सिंह, जसवीर, भोपाल सिंह रावत और अजब सिंह ने वन व कृषि विभाग से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।
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जिन गांवों में जंगली सूअरों से नुकसान की शिकायत मिली है, वहां वनकर्मियों को ग्रामीणों के साथ गश्त करने और पटाखों की मदद से सूअरों को भगाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त फसलों का मानकों के अनुरूप स्थलीय निरीक्षण कर मुआवजे की रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाएगी। - विजय सिंह नेगी, रेंजर, वन विभाग।
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क्षेत्र के मटियावा, दोहा, झुसोऊ, भुगतार, जोशी गांव, बडनु, दातनु, समाया, बिजोऊ, गोथान और हमरोऊ गांवों में लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर ही निर्भर है। इन दिनों खेतों में मक्का, राजमा, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल लगी है, जिसे रात के अंधेरे में सूअरों के झुंड तहस-नहस कर देते हैं। परेशान ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से वन विभाग और प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक नतीजा सिफर रहा है।
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लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान से चिंतित किसान परिवार अब बारी-बारी से खेतों की रखवाली कर रहे हैं। स्थानीय निवासी संजीव चौहान, दिनेश, महावीर सिंह, धीरेंद्र, रमेश, मोहर सिंह, जसवीर, भोपाल सिंह रावत और अजब सिंह ने वन व कृषि विभाग से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।
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जिन गांवों में जंगली सूअरों से नुकसान की शिकायत मिली है, वहां वनकर्मियों को ग्रामीणों के साथ गश्त करने और पटाखों की मदद से सूअरों को भगाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त फसलों का मानकों के अनुरूप स्थलीय निरीक्षण कर मुआवजे की रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाएगी। - विजय सिंह नेगी, रेंजर, वन विभाग।