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लॉकडाउन के चलते नौकरी गई तो मेकेनिकल इंजीनियर ने शुरू किया मछली पालन
Fri, 28 Aug 2020 01:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
कुंदन शाह, अमर उजाला, काशीपुर
कुंदन शाह, अमर उजाला, काशीपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:10 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सिडकुल के एक कारखाने में इंजीनियर के पद पर कार्यरत युवक ने लॉकडाउन के चलते नौकरी जाने पर मछली पालन कर स्वरोजगार शुरू कर दिया है। युवक ग्रामीण बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
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नारायणपुर किच्छा निवासी विपुल कुमार रुद्रपुर सिडकुल की एक कंपनी में मेकेनिकल इंजीनियर था। लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। वह किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। वह अपने पिता के साथ खेती में जुट गया। वह परिवार के बढ़ते खर्चे के कारण व्यवसायिक खेती करना चाहता था।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने उसे कृषि विविधीकरण की विधि से खेती से आय बढ़ाने, एकीकृत मछली, सह मुर्गी पालन, आधुनिक कृषि विधियों से खेती करने का सुझाव दिया। विपुल कहते हैं कि केवीके ने तालाब बनाने की तकनीक और तालाब में मछली पालने की जानकारी दी। उन्नत प्रजाति के मछली के बच्चे उपलब्ध कराए।
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मछलियों के भोजन एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दी। आधा एकड़ जमीन में बने तालाब में उन्नत प्रजातियों की नौ हजार मछलियां पल रही हैं। ग्रामीण बेरोजगारों को नौकरियों की तलाश में भटकने के बजाय मछली पालन, मुर्गी पालन व पशुपालन और वैज्ञानिकों की सलाह पर उन्नत खेती करनी चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी कृषि वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र क्वात्रा विपुल के मछली पालन के कार्यों खुश है।