भाजपा नेता मीटू प्रकरण: सीएम कार्यालय से 'गायब' हुआ पीड़िता का प्रार्थनापत्र, मांगी थी सुरक्षा
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उत्तराखंड में मीटू पीड़िता के सुरक्षा मांगने संबंधी प्रार्थनापत्र न मिलने से सचिवालय से मुख्यमंत्री कार्यालय तक हलचल है। पीड़िता ने सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी है कि उनके प्रार्थनापत्र पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है? लेकिन, अनुभाग से मुख्यमंत्री कार्यालय तक प्रार्थनापत्र ढूंढे नहीं मिल रहा है।
भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पुलिस ने जांच के बाद संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि विवेचना में दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
उसके बाद पुलिस ने यौन उत्पीड़न की धारा में भाजपा नेता संजय कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मीटू पीड़िता ने मार्च में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके लिए उसने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी प्रार्थनापत्र दिया।
तब से पीड़िता गृह विभाग और मुख्यमंत्री के कार्यालय दौड़ रही हैं। लेकिन, कहीं प्रार्थनापत्र का पता नहीं चल रहा। अब पीड़िता ने सूचना के अधिकार के तहत प्रार्थनापत्र पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। पीड़िता का कहना है कि अनुभाग अधिकारी तो प्रार्थनापत्र मिलने से इंकार कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि पत्र की खोजबीन की जा रही है।