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उत्तराखंड: एमबीबीएस छात्र पढ़ेंगे मध्य प्रदेश की हिंदी मीडियम किताबें, इसी साल से शुरू हो रहा है पाठ्यक्रम

Mon, 25 Sep 2023 02:54 PM IST
रेनू सकलानी वान्या दीक्षित, माई सिटी रिपोर्ट, देहरादून
वान्या दीक्षित, माई सिटी रिपोर्ट, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 25 Sep 2023 02:54 PM IST
सार

उत्तराखंड हिंदी मीडियम पाठ्यक्रम शुरू करने वाला दूसरा राज्य है। मध्य प्रदेश की तर्ज पर एमबीबीएस में हिंदी पाठ्यक्रम लागू करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो सदस्यीय समिति गठित की थी।

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MBBS students of Uttarakhand will read Hindi medium books of Madhya Pradesh
मेडिकल की पढ़ाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में एमबीबीएस के छात्रों की हिंदी मीडियम पढ़ाई जल्द ही शुरू हो जाएगी, लेकिन छात्र एक साल तक मध्य प्रदेश में चल रहे हिंदी मीडियम का पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। अगले साल से नए प्रकाशक की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश के चारों मेडिकल कॉलेज के छात्रों को मध्य प्रदेश की किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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बता दें कि मध्य प्रदेश में एमबीबीएस का पाठ्यक्रम हिंदी में मीडियम में उपलब्ध है। उत्तराखंड हिंदी मीडियम पाठ्यक्रम शुरू करने वाला दूसरा राज्य है। मध्य प्रदेश की तर्ज पर एमबीबीएस में हिंदी पाठ्यक्रम लागू करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो सदस्यीय समिति गठित की थी।

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इसमें एनएचबी चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र, दून मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दौलत सिंह मध्य प्रदेश गए थे। हिंदी मीडियम में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों और हिंदी मीडियम से पढ़ा रहे शिक्षकों का अनुभव जाना। इसका फीडबैक बहुत ही पॉजिटिव रहा और समिति ने रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है।

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हिंदी प्रकोष्ठ के गठन से आएंगी नई किताबें

समिति के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. दौलत सिंह ने बताया यह निर्णय लिया गया है कि मेडिकल छात्र एक साल तक मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में चल रही हिंदी मीडियम की किताबें ही पढ़ेंगे। इसके बाद हिंदी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसमें दूसरे प्रकाशक और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके माध्यम से छात्रों को अगले साल से नए प्रकाशकों की किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रश्न पत्र अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी होंगे

छात्रों को यह अनुमति भी रहेगी कि वह अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। हिंदी में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के छात्र साथ बैठकर ही क्लास करेंगे। बता दें कि एमबीबीएस में 60 फीसदी छात्र इंग्लिश मीडियम और 40 फीसदी छात्र हिंदी मीडियम के होते हैं। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

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मध्य प्रदेश में जो किताबें पढ़ाई जा रही हैं यह किताबें एमबीबीएस छात्रों को बाजार से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। -डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड

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