'सैफई में गाय-भैंस चरा रहे होते मुलायम-अखिलेश'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रुड़की की रैली में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मुस्लिमों को आगाह किया। कहा कि मोदी पीएम बने तो देश बर्बाद हो जाएगा।
उन्होंने यूपी के सीएम अखिलेश यादव को ललुआ और योगगुरु रामदेव को भाजपा का वरिष्ठ नेता बताया।
मायावती ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्थाओं के चलते ही अखिलेश यादव यूपी के सीएम बने हैं। अन्यथा बाप-बेटा (मुलायम-अखिलेश) अपने गांव सैफई में गाय-भैंस चरा रहे होते।
सोनिया और उनके युवराज दलित विरोधी
मायावती ने कहा कि दलितों के अपमान पर सब चुप्पी साधे हुए हैं। इसका ताजा उदाहरण भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबा रामदेव यादव का बयान है।
रामदेव ने दलितों का अपमान किया लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके युवराज (राहुल गांधी) ने कुछ नहीं कहा। भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी एक लफ्ज नहीं बोले। इससे इन सबकी दलित विरोधी मानसिकता झलकती है।
अब नहीं मिलेगा पार्टी का टिकट
मायावती ने बसपा से निलंबित दोनों विधायकों सुरेंद्र राकेश तथा हरिदास को भविष्य में पार्टी का टिकट नहीं देने की घोषणा की।
लीथो प्रेस ग्राउंड में मायावती ने बसपा के दोनों निलंबित विधायकों सुरेंद्र राकेश तथा हरिदास को कोसते हुए कहा कि दोनों ने बसपा और दलित समाज को धोखा दिया है।
उन्होंने कहा कि अब ये दोनों विधायक पार्टी के कार्यक्रमों में कभी भाग नहीं ले सकेंगे और भविष्य में बसपा का टिकट भी नहीं मिलेगा। हालांकि उन्होंने दोनों को पार्टी से निष्कासित करने के बजाय निलंबित ही बताया।
कांग्रेस को लेना पड़ रहा नाच-गाने का सहारा
कांग्रेस की सभाओं में नर्तकियों को नचाने पर तल्ख टिप्पणी करते हुए मायावती ने कहा कि यह देशभर में कांग्रेस की बदहाली का परिचायक है।
कांग्रेस की सभाओं में लोग नहीं पहुंच रहे हैं। लोगों को बुलाने के लिए नाच-गाने का सहारा लेना पड़ रहा है।
उत्तराखंड से अपना पुराना प्रेम बताते हुए मायावती ने कहा कि जब उत्तराखंड नहीं बना था और यूपी में बसपा की सरकार थी तब यहां का काफी विकास किया। केंद्र में सरकार बनने पर भी उन्होंने उत्तराखंड के समग्र विकास का दावा किया।
सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग
मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर भी लोगों को लुभाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आरक्षण का कोटा बढ़ाए बगैर नई जातियों को आरक्षित वर्ग में शामिल किया जा रहा है।
भाजपा पर आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद वह संविधान संशोधन के नाम पर आरक्षण खत्म कर सकती है। करीब 43 मिनट के भाषण में उन्होंने अपर कास्ट के लिए भी आर्थिक आधार पर अलग से आरक्षण की मांग की।