मौनी अमावस्याः हरिद्वार में पवित्र डुबकी लगाने उमड़ा भक्ति का सैलाब
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रविवार की आधी रात चतुर्दशी तिथि समाप्त होते ही मौनी अमावस्या का मुहूर्त लग गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा के तटों पर डुबकी लगाना शुरू कर दिया।
श्रवण नक्षत्र में लाखों श्रद्धालु सोमवार को सोमवती का स्नान करेंगे। स्नान के बाद महिलाएं पीपल के वृक्षों की 108 परिक्रमा कर उद्यापन करेंगी। रविवार की अर्द्ध रात्रि में मौनी अमावस्या का मुहूर्त प्रारंभ हुआ। यह पुण्य स्नान सोमवार की शाम आरती काल तक चलता रहेगा।
सूर्योदय काल में चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह प्रवेश सोमवती का मुहूर्त बनाएगा। सोमवार के पूरे दिन देश से विभिन्न भागों से आए श्रद्घालु गंगा स्नान करते रहेंगे। हजारों महिलाएं सूत के धागे लपेटते हुए पीपल के वृक्षों की परिक्रमा कर गंगा तट पर सुख शैया का दान करेंगी।
श्रद्धालु मौन रहकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे। अमावस्या के दिन ही पंचक प्रारंभ हो रहे हैं। श्रद्घालु कुशावर्त और नारायणी शिला जाकर पितृ कर्म भी संपन्न कराएंगे।
हजारों कल्पवासी भी पहुंचे
प्रयाग में रहकर माघ मास का कल्पवास कर रहे हजारों पूर्वांचल वासी रविवार को गंगा नगरी पहुंचे। मौनी अमावस्या के साथ सोमवती और अर्द्घकुंभ जुड़ जाने के कारण यह कल्पवासी एक दिन के लिए हरिद्वार आए हैं।
एक दिन सोमवार को हरिद्वार में रहकर ये यात्री पुन: प्रयाग लौटेंगे और पूर्णिमा तक कल्पवास करेंगे। माघ के पहले दिन से अनेक श्रद्घालु हरिद्वार में रहकर स्नान कर रहे हैं। हरिद्वार में माघ मास करने वाले पीत वस्त्र धारण नहीं करते।
आश्रमों में कथा प्रवचन प्रारंभ
धर्मनगरी हरिद्वार और ऋषिकेश के आश्रमों, मठों और मंदिरों में मौनी अमावस्या के धार्मिक आयोजन प्रारंभ हो गए। कहीं कथाएं हो रही हैं तो कहीं प्रवचन। कुछ स्नानों पर सप्ताह भर की भागवत भी शुरू हुई है।