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शहीद दीपक नैनवाल का शव घर पहुंचा, पापा को ऐसे देख कुछ ऐसा बोल पड़ी मासूम कि नहीं रुके आंसू

Wed, 23 May 2018 07:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 23 May 2018 07:37 AM IST
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martyr deepak nainwal cremation in haridwar
martyr deepak nainiwal daughter - फोटो : ANI

अमर शहीद दीपक नैनवाल के अंतिम दर्शनों के लिए मंगलवार को हर्रावाला स्थित उनके आवास पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। शोक संतृप्त परिजनों के अलावा सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, डीएम, एसएसपी, सेना अधिकारियों, सैन्यकर्मियों और स्थानीय लोगों ने नायक दीपक नैनवाल को श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी। इस दौरान मासूम बेटी कुछ ऐसा बोल पड़ी कि सबका दिल भर आया।  शहीद दीपक की मासूम बेटी लावण्या ने कहा पापा आसमान में स्टार बन गए हैं। हम जब चाहेंगे उन्हें देख पाएंगे। यह बात जिसने भी सुनी उसकी आंखें भर आई।

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इस गमगीन माहौल में पूरा हर्रावाला अमर शहीद दीपक नैनवाल अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा दीपक तेरा नाम रहेगा और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि शहीद के परिजनों को नौकरी देने के साथ ही सरकार की ओर से हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके बाद दीपक के पार्थिव शरीर को हरिद्वार ले जाकर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात नायक दीपक नैनवाल 10 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए गंभीर घायल हो गए थे। हालत गंभीर होने पर दिल्ली के आरआर अस्पताल से 30 अप्रैल को उन्हें इलाज के लिए पुणे रेफर किया गया था। यहां पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर में रविवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
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इसके बाद सेना के विशेष विमान से सोमवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गढ़ी कैंट स्थित सेना अस्पताल लाया गया। मंगलवार सुबह सेना की नौवीं महार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर अजय सिंह शेखावत की अगुवाई में सैनिक टुकड़ी अमर शहीद दीपक नैनवाल के पार्थिव शरीर को लेकर उनके पैतृक आवास हर्रावाला पहुंची। पार्थिव शरीर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। पिता चक्रधर नैनवाल, मां पार्वती देवी, पत्नी ज्योति,  बहन पूनम, मासूम बच्चे रेयांश और लावण्या समेत अन्य लोग फूट-फूटकर रोने लगे। मौके पर मौजूद सेनाधिकारियों और रिश्तेदारों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। कुछ देर बाद अमर शहीद के शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। 
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इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय के जीओसी मेजर जनरल जीएस यादव समेत दो दर्जन से अधिक आला सैन्य अधिकारियों, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, कई सेवानिवृत्त सेनाधिकारियों और हर्रावाला के अलावा आसपास से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने दर्शन कर जवान दीपक को अंतिम विदाई दी। माहौल उस समय गमगीन हो गया जब सैन्य टुकड़ी ने अमर शहीद को सलामी देने के साथ अपने शस्त्रों को झुका दिया। उन्होंने मातमी धुन भी बजाई। सभी रस्मों को पूरा करने के बाद पार्थिव शरीर को फूलों से सजे सेना के वाहन में रखकर हरिद्वार रवाना किया गया। जहां सैन्य अधिकारियों, पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।

पिता बोले- ‘बेटे की शहादत पर गर्व

martyr deepak nainwal cremation in haridwar
deepak nainwal dead body - फोटो : amar ujala
शहीद दीपक नैनवाल के सेनाधिकारी (अप्र) पिता चक्रधर नैनवाल ने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है।  दीपक नैनवाल के बचपन को याद करते हुए नम आंखोें से कैप्टन चक्रधर ने कहा कि दीपक बचपन से ही बेहद संवेदनशील और आज्ञाकारी था। सेना में भी उसने बेहद अनुशासित जांबाज सैनिक की भूमिका निभाई। उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन मासूमों के लिए दुख हो रहा है।

तीन पीढ़ियों ने बढ़ाया देश का मान 
अमर शहीद दीपक नैनवाल परिवार के इकलौते देशभक्त नहीं हैं, जिन्होंने सेना में रहते हुए देश की सेवा की। उनके पिता चक्रधर नैनवाल ने भी सेना की गढ़वाल राइफल्स में रहते हुए 1971 भारत-पाक युद्ध, कारगिल युद्ध और ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे सैन्य अभियानों में हिस्सा लेकर देश का मान बढ़ाया। इतना ही नहीं दीपक नैनवाल के दादा सुरेशानंद स्वाधीनता संग्राम सेनानी रहे और उन्होंने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। 

शहीद दीपक नैनवाल का शव घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी माता-पिता, बहन और भाई सब रोने लगे तो दीपक के दोनों मासूम बच्चों बेटा रेयांश और बेटी लावण्या को कुछ समझ नहीं आया। मां को बिलखता देख कुछ पल के लिए दोनों मासूम भावुक हुए तो दादा चक्रधर शर्मा ने उन्हें कलेजे से लगा लिया।
 

सेना की घातक टीम के जांबाज कमांडो थे दीपक

martyr deepak nainwal cremation in haridwar
trivendra singh rawat paying tribute
अमर शहीद नैनवाल के पार्थिव शरीर के साथ आए सेना के अधिकारियों और उनके साथी सैन्यकर्मियों ने बताया कि दीपक बटालियन की घातक टीम का हिस्सा थे। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए सेना की महार रेजिमेंट से उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेने वाली ‘वन राष्ट्रीय राइफल्स’ में की गई। जहां उन्होंने न सिर्फ  कई अहम सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया बल्कि कई आतंकवादियों को उन्हें ढेर करने में भी अहम भूमिका निभाई।

शहीदों के परिजनों को मुहैया कराएंगे हरसंभव मदद : सीएम 
शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि सरकार अमर शहीदों की शहादत को यूं ही बर्बाद नहीं होने देगी। शहीदों के परिजनों को सरकारी नौकरी मुहैया कराने और उन्हें हर संभव सहायता देने का संकल्प पहले ही सरकार ले चुकी है।

 

उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि देवभूमि का एक और जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। सीएम ने कहा कि अमर शहीद दीपक नैनवाल की शहादत पर उन्हें गर्व है। इससे पूर्व उन्होंने शोक संतृप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री रावत उस समय भावुक हो गए जब शहीद की पत्नी ज्योति और मां पार्वती देवी मुख्यमंत्री के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने दोनों को ढांढस बधाते हुए सांत्वना दी। 

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