{"_id":"5d264b838ebc3e6cc2268ebd","slug":"marksheets-of-universities-of-uttarakhand-degree-will-be-online-dehradun-news-drn312520333","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्री होगी ऑनलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्री होगी ऑनलाइन
विज्ञापन
उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्री अब ऑनलाइन होगी। दून विश्वविद्यालय में पहुंची विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की टीम ने सभी विवि के परीक्षा नियंत्रकों को इसका प्रशिक्षण दिया। सितंबर तक सभी विवि का डाटा नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) में फीड हो जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की घोषणा के बाद देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को एनएडी से जोड़ने का काम चल रहा है। इस कड़ी में अब उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में प्रक्रिया शुरू हुई है। उत्तराखंड के आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, गढ़वाल विवि, सभी राज्य विश्वविद्यालय, डीम्ड विवि और निजी विवि के परीक्षा नियंत्रकों को बुधवार को दून विवि में प्रशिक्षण दिया गया। इसकी अध्यक्षता दून विवि के कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल ने की। कार्यक्रम में यूजीसी के प्रतिनिधि शंभू बदुनी और एनएडी का काम देख रही कंपनी एनएसडीएल और सीडीएसएल के तकनीकी सदस्यों ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सभी परीक्षा नियंत्रकों को बताया कि किस तरह से उन्हें अपने विवि का यूजर आईडी बनाने के बाद पूरा डाटा एनएडी के पोर्टल पर अपलोड करना है। इसके तहत न केवल मार्कशीट बल्कि डिग्री भी अपलोड करनी होगी। सितंबर तक सभी संस्थानों का डाटा एनएडी पर उपलब्ध हो जाएगा।
छात्र को मिलेगा डी-मैट अकाउंट
प्रत्येक छात्र को डी-मैट अकाउंट का नंबर दिया जाएगा, यह अकाउंट आधार कार्ड से जुड़ा होगा। अकाउंट नंबर के माध्यम से छात्र अपने दस्तावेज अकाउंट में देख सकेंगे। इससे छात्रों को अपने दस्तावेजों की हॉर्ड कॉपी, फ ोटो कॉपी, अटेस्टेड कॉपी साथ में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
फर्जी डिग्री नहीं चलेंगी
एनएडी के तहत दस्तावेज ऑनलाइन करने से डिग्रियों के फ र्जीवाड़े से संबंधित मामलों पर रोक लगेगी। एनएडी पर सिर्फ वही संस्थान अपने दस्तावेज डाल सकेगा जो यूजीसी सहित महत्वपूर्ण संस्थाओं से पूरी तरह मान्य होगा। ऐसे में जिन संस्थाओं में डिग्री और मार्कशीट संबंधी फर्जीवाड़ा होगा वे अपने दस्तावेज नहीं डाल पाएंगे। छात्र की नौकरी के दौरान भी एम्पलॉयर एनएडी के माध्यम से छात्र के दस्तावेजों का सत्यापन कर सकेंगे।
विज्ञापन
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की घोषणा के बाद देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को एनएडी से जोड़ने का काम चल रहा है। इस कड़ी में अब उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में प्रक्रिया शुरू हुई है। उत्तराखंड के आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, गढ़वाल विवि, सभी राज्य विश्वविद्यालय, डीम्ड विवि और निजी विवि के परीक्षा नियंत्रकों को बुधवार को दून विवि में प्रशिक्षण दिया गया। इसकी अध्यक्षता दून विवि के कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल ने की। कार्यक्रम में यूजीसी के प्रतिनिधि शंभू बदुनी और एनएडी का काम देख रही कंपनी एनएसडीएल और सीडीएसएल के तकनीकी सदस्यों ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सभी परीक्षा नियंत्रकों को बताया कि किस तरह से उन्हें अपने विवि का यूजर आईडी बनाने के बाद पूरा डाटा एनएडी के पोर्टल पर अपलोड करना है। इसके तहत न केवल मार्कशीट बल्कि डिग्री भी अपलोड करनी होगी। सितंबर तक सभी संस्थानों का डाटा एनएडी पर उपलब्ध हो जाएगा।
विज्ञापन
छात्र को मिलेगा डी-मैट अकाउंट
प्रत्येक छात्र को डी-मैट अकाउंट का नंबर दिया जाएगा, यह अकाउंट आधार कार्ड से जुड़ा होगा। अकाउंट नंबर के माध्यम से छात्र अपने दस्तावेज अकाउंट में देख सकेंगे। इससे छात्रों को अपने दस्तावेजों की हॉर्ड कॉपी, फ ोटो कॉपी, अटेस्टेड कॉपी साथ में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
फर्जी डिग्री नहीं चलेंगी
एनएडी के तहत दस्तावेज ऑनलाइन करने से डिग्रियों के फ र्जीवाड़े से संबंधित मामलों पर रोक लगेगी। एनएडी पर सिर्फ वही संस्थान अपने दस्तावेज डाल सकेगा जो यूजीसी सहित महत्वपूर्ण संस्थाओं से पूरी तरह मान्य होगा। ऐसे में जिन संस्थाओं में डिग्री और मार्कशीट संबंधी फर्जीवाड़ा होगा वे अपने दस्तावेज नहीं डाल पाएंगे। छात्र की नौकरी के दौरान भी एम्पलॉयर एनएडी के माध्यम से छात्र के दस्तावेजों का सत्यापन कर सकेंगे।