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अवैध आवासीय, व्यावसायिक निर्माण से जुड़ी कई फाइलें दबाए बैठे हैं एमडीडीए के कर्मचारी

Mon, 19 Sep 2022 12:40 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 12:40 AM IST
सार

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की उपाध्यक्ष\/डीएम सोनिका का प्रयास है कि आवासीय और व्यावसायिक भवन स्वामियों की ओर से मानचित्र सौंपने के बाद 15 दिन के भीतर मानचित्रों की स्वीकृति देकर उन्हें मुहैया कराया जाए, लेकिन कई कर्मचारी ऐसे हैं, जो फाइलों को दबाए बैठे हैं।एमडीडीए सूत्रों की मानें, तो व्यावसायिक भवन स्वामियों और बिल्डरों की सांठगांठ के चलते कर्मचारी विवादित फाइलों को प्राधिकरण उपाध्यक्ष और सचिव के सामने प्रस्तुत ही नहीं कर रहे, जबकि नियमानुसार इन सभी फाइलों की जांच पड़ताल करने व समन शुल्क जमा कराने के साथ ही निस्तारण की जरूरत है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने ऐसे कर्मियों की जांच कराने की बात कहते हुए कहा कि यदि जांच में ऐसा मिला तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्राधिकरण उपाध्यक्ष की सख्ती के बाद फाइलों के निस्तारण में तेजी आई है और 200 आवासीय, व्यावसायिक भवनों से जुड़ी फाइलों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन अभी भी चालान की हुई तमाम ऐसी फाइलें हैं, जो प्राधिकरण के कर्मचारी दबाए बैठे हैं।

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Many files related to illegal construction are suppressed by the workers

विस्तार

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की उपाध्यक्ष/डीएम सोनिका का प्रयास है कि आवासीय और व्यावसायिक भवन स्वामियों की ओर से मानचित्र सौंपने के बाद 15 दिन के भीतर मानचित्रों की स्वीकृति देकर उन्हें मुहैया कराया जाए, लेकिन कई कर्मचारी ऐसे हैं, जो फाइलों को दबाए बैठे हैं।
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एमडीडीए सूत्रों की मानें, तो व्यावसायिक भवन स्वामियों और बिल्डरों की सांठगांठ के चलते कर्मचारी विवादित फाइलों को प्राधिकरण उपाध्यक्ष और सचिव के सामने प्रस्तुत ही नहीं कर रहे, जबकि नियमानुसार इन सभी फाइलों की जांच पड़ताल करने व समन शुल्क जमा कराने के साथ ही निस्तारण की जरूरत है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने ऐसे कर्मियों की जांच कराने की बात कहते हुए कहा कि यदि जांच में ऐसा मिला तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्राधिकरण उपाध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों, इंजीनियरों की बैठक में उपाध्यक्ष ने साफ कर दिया कि जूनियर व असिस्टेंट इंजीनियरों को एक दिन के भीतर फाइलों का अध्ययन करने के साथ ही रिपोर्ट सौंपे। हालांकि, प्राधिकरण उपाध्यक्ष की सख्ती के बाद फाइलों के निस्तारण में तेजी आई है और 200 आवासीय, व्यावसायिक भवनों से जुड़ी फाइलों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन अभी भी चालान की हुई तमाम ऐसी फाइलें हैं, जो प्राधिकरण के कर्मचारी दबाए बैठे हैं।
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