मनोरमा को वॉक ओवर, RS जाने का रास्ता साफ
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उत्तराखंड से कांग्रेस उम्मीदवार मनोरमा शर्मा डोबरियाल के मुकाबले राज्यसभा सीट के लिए किसी अन्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया।
भाजपा की ओर प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल के नाम पर नामांकन पत्र तो खरीदा गया लेकिन उसे जमा नहीं कराया। मनोरमा के नामांकन पत्र की जांच और उसमें कोई कमी न पाए जाने के बाद विधानसभा सचिव(रिटर्निंग ऑफिसर) उनकी जीत की घोषणा करेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो मनोरमा प्रदेश की पहली महिला राज्यसभा सदस्य होंगी।
मनोरमा शर्मा ने सोमवार दोपहर दो बजे के बाद विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र के कक्ष में अपना पर्चा दाखिल किया। उन्होंने तीन सेट में अपना पर्चा दाखिल है। एक सेट में सात सदस्य प्रस्तावक के रूप में होते हैं लेकिन प्रत्येक दस-दस विधायकों ने प्रस्ताव किया।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस सहप्रभारी संजय कपूर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय मौजूद थे। सरकार के मंत्रियों में हरक सिंह, प्रीतम सिंह और सुरेंद्र राकेश (अस्वस्थ्य) को छोड़कर इंदिरा ह्दयेश, यशपाल आर्य, दिनेश अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ सहयोगी पीडीएफ केसभी मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, दिनेश धनै, प्रीतम सिंह पंवार, हरीश चंद्र दुर्गापाल मौजूद थे।
पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं
नामांकन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। हमें सभी सदस्यों को सहयोग मिल रहा है। विजय बहुगुणा के संबंध में उन्होंने बताया कि फोन पर उन्हें आमंत्रित किया था किसी कारणवश नहीं पहुंच सके।
उनका कहना है कि मैं राज्य के हितों के लिए काम कर अपनी अलग पहचान बनाऊंगी। उन्होंने कि महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और समस्याओं पर उनका फोकस रहेगा।
इस मौके पर सीएम ने मीडिया को बताया कि हमें उम्मीद है कि कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध चुनी जाएंगी। उन्होंने कहा अब सभी राजनैतिक दल अघोषित नियम के तहत उच्च नैतिक मापदंड अपनाकर संख्या बल के आधार पर ही उम्मीदवार उतारते हैं।
देश के कुछ राज्यों में राज्यसभा के दौरान विभत्स घटनाएं सामने आई हैं। हमारी पार्टी ने इसी सिद्धांत का पालन कर भाजपा उम्मीदवार को जिताया था जबकि हमारी संख्या में एक की ही कमी थी। कांग्रेस के पास सहयोगी मिलाकर 43 का आंकड़ा है जो उम्मीदवार जिताने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कांग्रेस नेतृत्व ने न सिर्फ हम सबकी भावना के अनुरूप लोकल को उम्मीदवार बनाया बल्कि एक महिला को चुना जो राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़ी रही हैं।