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फलों के राजा को उत्तराखंड में मिला 'इंसाफ'
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 13 Jul 2015 01:03 PM IST
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उत्तराखंड के पहले राज्य स्तरीय आम महोत्सव का आगाज सोमवार को देहरादून स्थित किसान भवन में हुआ।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत बतौर मुख्य अतिथि और कृषि मंत्री हरक सिंह रावत बतौर विशिष्ट अतिथि इस महोत्सव में शामिल होंगे। यह पहली बार है कि प्रदेश में आम महोत्सव के आयोजन में प्रदेश के आम उत्पादकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
आम उत्पादन में उत्तराखंड अपनी खास पहचान नहीं बना पाया है पर राज्य गठन के बाद उत्पादन में खासी वृद्धि हुई है। 2001 में प्रदेश में करीब 24 हजार हेक्टेयर में 66 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था। अब आम का उत्पादन क्षेत्रफल करीब 40 हजार हेक्टेयर है।
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आम का प्रदेश में उत्पादन भी करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। जारी है कि राज्य गठन से अब तक आम के उत्पादन में करीब ढाई गुना इजाफा हुआ है। यह उत्पादन सेब, नाशपति, खुबानी, लीची आदि से ज्यादा है।
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ऐसे में उत्पादन के लिहाज से देखें तो प्रदेश में आम फलों का राजा है पर लीची और सेब पर फोकस होने की वजह से फलों के राजा को प्रदेश में खास तवज्जो नहीं मिल पाई।
ऐसा नहीं है कि प्रदेश के आम उत्पादकों की पूछ कहीं ओर नही है। उत्तराखंड के ही सीपी सिंह की आम की 75 किस्में हैं। आम उत्पादक दिल्ली से लेकर अन्य स्थानों पर होने वाले आम महोत्सवों की ओर भी रुख करते रहे हैं। आम उत्पादन में हरबर्टपुर का भी खास नाम है और यहां का दशहरी आम बेहद पसंद भी किया जाता है।
उद्यान निदेशक बीएस नेगी के मुताबिक महोत्सव में प्रदर्शनी का आयोजन भी होगा और इसमें उत्पादक अपने आम की किस्मों का प्रदर्शन भी करेंगे। आम उत्पादकों की इस प्रदर्शनी में प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है।
उद्यान विभाग के मुताबिक आम के इस महोत्सव को प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री हरीश रावत के कहने पर ही किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के अलावा कृषि मंत्री हरक सिंह रावत भी इसमें मुख्य रूप से शामिल हो रहे हैं।