नरभक्षी का आतंकः एक सप्ताह के भीतर किया दूसरा शिकार
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उत्तराखंड के पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक स्थित मलेथा गांव में नरभक्षी गुलदार ने एक सप्ताह में दूसरी महिला को निवाला बना दिया। गांव की अन्य महिलाओं के साथ खेत में घास काट रही माहेश्वरी देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया।
दूसरी महिलाओं और आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने शोर मचाने पर गुलदार महिला को छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह घायल हो चुकी थी। अस्पताल ले जाते समय माहेश्वरी देवी ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
रविवार को मलेथा गांव की माहेश्वरी देवी (50) पत्नी स्व. लक्ष्मण सिंह अपनी बेटी निकिता और अन्य महिलाओं के साथ गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों में घास काट रही थी। आसपास के खेतों में गांव की दूसरी महिलाएं और पुरुष भी काम कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक गुलदार ने माहेश्वरी देवी पर झपट्टा मार दिया।
सबके सामने से उठा ले गया गुलदार
लोगों के देखते-देखते गुलदार ने झपट्टा मारकर माहेश्वरी देवी को दूसरे खेत में फेंक दिया। लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार महिला को छोड़ भाग गया लेकिन इतनी देर में महिला के गले और शरीर पर गुलदार ने गहरे घाव बना दिए।
ग्रामीण महिला को 108 सेवा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांवखाल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर दमदेवल रेंज के रेंजर शिशुपाल सिंह, सतपुली के तहसीलदार अमलानंद, चौबट्टाखाल के तहसीलदार छवाण सिंह मौके पर पहुंचे। शव का पोस्टमार्टम करने के लिए कोटद्वार से चिकित्सक नौगांवखाल भेजा गया है।
मालूम हो कि 22 सितंबर को इसी गांव की गुड्डी देवी को जंगल में घास काटते समय गुलदार ने निवाला बना लिया था। वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित करके शिकारी तैनात किया है। इतने दिन के बाद भी गुलदार शिकारी को कहीं नजर नहीं आया। एक हफ्ते के भीतर गुलदार के हमले में दो महिलाओं की मौत से क्षेत्र में दहशत बनी है।