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मलेथा के ग्रामीणों का भड़का गुस्सा, हाईवे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर (पौड़ी)
Updated Fri, 12 Jun 2015 03:02 AM IST
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लाठीचार्ज के आरोपी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित मलेथा के ग्रामीणों ने करीब एक घंटे बदरीनाथ हाईवे जाम रखा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम के बाद ग्रामीणों ने पर्यटन मंत्री दिनेश धनै के पुतले को आग के हवाले किया।
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वहीं अन्न-जल त्याग कर अनशन कर रहे समीर रतूड़ी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा सम्मानजनक आश्वासन मिलने पर छठें दिन जल ग्रहण किया। हालांकि समीर का अनशन अभी जारी रहेगा।
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आंदोलन हुआ और तेज
स्टोन क्रशरों के विरोध में उत्तराखंड के श्रीनगर में चल रहा मलेथा आंदोलन तेज होता जा रहा है। आंदोलनकारी समीर रतूड़ी ने छह दिनों से अन्न जल त्यागा हुआ है। रतूड़ी छह जून को अनशनकारी हेमंती नेगी को उठाने के लिए दौरान पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ यह कदम उठाया है।
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लाठीचार्ज के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11.30 बजे हाईवे जाम कर दिया। जाम से भरी गर्मी में सैकड़ों यात्री प्यास से परेशान रहे।
एक घंटे के सांकेतिक जाम के बाद ग्रामीणों ने पर्यटन मंत्री दिनेश धनै के पुतले को आग के हवाले कर दिया। पुतला दहन करने वालों में जगदंबा रतूड़ी, देव सिंह, विमला देवी, शूरवीर बिष्ट, हेमंती देवी आदि थे।
एक घंटे बाद पहुंची सूचना
आंदोलनकारियों ने जिस स्थान पर जाम लगाया, वहां से एसडीएम कार्यालय व कोतवाली मात्र तीन किमी दूर है। बावजूद इसके एसडीएम व पुलिस प्रशासन घटना स्थल पर एक घंटे बाद पहुंचा।
एसडीएम दीपेंद्र नेगी ने बताया कि उन्हें 12.15 बजे जाम लगने की सूचना मिली। जबकि आंदोलनकारियों ने 11.30 बजे जाम लगा दिया था। मलेथा पहुंचने के बावजूद एसडीएम ने जाम स्थल से दूरी बनाए रखी। उन्होंने आंदोलनकारियों व यात्रियों से बात करना मुनासिब नहीं समझा।
हाथापाई की नौबत
जाम स्थल पर आंदोलनकारियों और हेमकुंड जा रहे यात्रियों में हाथापाई की नौबत आ गई। बुजुर्गों के बीच बचाव करने पर मामला शांत हो सका। हुआ यूं कि बाइक सवार दो यात्री जाम तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इतने में एक आंदोलनकारी ने बाइक में पीछे बैठे यात्री को खींच लिया। हाथापाई होते देख बुजुर्ग आंदोलनकारियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
विधायक के खिलाफ की नारेबाजी
जाम स्थल पर आंदोलनकारियों ने क्षेत्रीय विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के बावजूद मंत्री प्रसाद नैथानी उनका पक्ष नहीं रख पा रहे हैं।
एंबुलेंस को भी रोका
आंदोलनकारियों ने लक्षमौली हादसे के घायल दिनेश डंगवाल को ले जा रही एंबुलेंस को भी नहीं जाने दिया। डंगवाल बीते दिवस कार और सूमो की टक्कर में घायल हो गए थे। यहां बता दें कि 06 जून की रात भी आंदोलनकारियों ने संवेदनशीलता को दरकिनार करते हुए 108 वाहन और बीमार को ले जा रही कार को भी रोक दिया था।