हॉस्टल वार्डन की करतूत : 'पत्नी घर पर नहीं है, खाना कौन बनाएगा, तुम आ जाओ'
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जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय में छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के नित नए खुलासे हो रहे हैं। गत दिवस रैगिंग के नाम पर छात्रों के कपड़े उतरवाने का एक माह पूर्व का मामला प्रकाश में आने के बाद अब छात्राओं से द्विअर्थी बातें करने और रात में फोन कर परेशान करने का प्रकरण सामने आया है।
शिकायत के अनुसार एक शिक्षक (वार्डन) ने गुरु-शिष्य परंपरा को तार-तार करते हुए एक छात्रा को आधी रात में फोन पर कहा कि ‘पत्नी घर पर नहीं है, खाना कौन बनाएगा, तुम आ जाओ’। पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत कुलपति से की, लेकिन विवि प्रशासन ने इस मामले को भी दबा दिया।
करीब एक माह पूर्व कुछ छात्र-छात्राएं कुलपति से मिलीं और एक छात्रावास के वार्डन पर आधी-आधी रात में छात्राओं को फोन करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वार्डन उनसे फोन पर द्विअर्थी बातें करते हैं। फोन काटने पर दोबारा फोन कर परेशान करते हैं।
एक छात्रा ने बताया कि एक वार्डन ने रात करीब 12: 15 बजे मोबाइल पर मैसेज भेजकर उसे पहले तो जन्मदिन की बधाई दी, फिर फोन कर कहा कि मेरी पत्नी घर पर नहीं है, खाना कौन बनाएगा, तुम आ जाओ। छात्रा के फोन काटने पर वह दोबारा फोन कर लगभग एक घंटे तक इधर-उधर की बातें करता रहा।
इधर, 10 दिन बीतने के बाद भी वार्डन पर कोई कार्रवाई न होते देख गत 21 अक्तूबर को रैगिंग मामले में बुलाई गई विश्वविद्यालय अनुशासन समिति (यूडीसी) की बैठक में छात्रा ने वार्डन के भेजे गए मैसेज दिखाते हुए अधिकारियों के समक्ष शिकायत की, लेकिन विवि प्रशासन मामले को दबाए रखा और आरोपी वार्डन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
21 अक्तूबर को यूडीसी की बैठक में कुछ छात्राओं ने टेक्स्ट मैसेज दिखाते हुए देर रात फोन कर परेशान करने के संबंध में वार्डन की शिकायत की थी। साथ ही यह भी बताया कि वह इस संबंध में कुलपति को भी अवगत करा चुके हैं। चूंकि शिकायत लिखित में नहीं की गई है, इसलिए वार्डन के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। - डॉ. सलिल तिवारी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, पंतनगर विवि।