फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Maj Gen Dr. GD Bakshi statement for china and doklam

'डोकलाम पर चीन को धूल चटाने में सक्षम है भारतीय सेना, नहीं मानें तो युद्ध करने से पीछे नहीं हटेंगे'

Mon, 21 Aug 2017 05:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 21 Aug 2017 05:30 PM IST
विज्ञापन
Maj Gen Dr. GD Bakshi statement for china and doklam

डोकलाम पर चीन के ब‌िगड़े रवैये का अंत अब युद्ध ही है। चीन को धूल चटाने में भारतीय सेना सक्षम है। ऐसे में अगर वे नहीं मानें तो हम युद्ध करने से पीछे नहीं हटेंगे। यह बात मेजर जनरल जीडी बख्शी (रि.) ने कही। 

विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में आतंकवाद और अलगाववाद के प्रति कठोर नीति को जमीन पर उतारने के पक्षधर मेजर जनरल जीडी बख्शी (रि.) ने चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की वकालत की है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दोकलाम समेत अन्य मामलों में अगर चीन अतिक्रमणवादी रुख नहीं छोड़ता है तो भारत को भी आक्रमक रवैया अपनाना होगा, भले ही इसका परिणाम पूर्ण युद्ध ही क्यों न हो। क्योंकि इस बार हम चीन को धूल चटाने में सक्षम हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हमारी फौज अब 1962 वाली फौज नहीं

Maj Gen Dr. GD Bakshi statement for china and doklam

मेजर जनरल जीडी बख्शी (रि.) रविवार को यहां वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के सभागार एक्ट फॉर इंडिया संस्था की ओर से आयोजित एक सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कहा कि हमारी फौज अब 1962 वाली फौज नहीं है।

उसके बाद हमने 1965, 1971, एवं 1999 का युद्ध जीता है। तमाम झड़पों में हमने चीन को परास्त किया है। हमारा मनोबल बेहद मजबूत है और हमारी सैन्य शक्ति किसी से कम नहीं है। लिहाजा चीन अगर अपनी दुर्योधनी मानसिकता से बाहर नहीं निकलता है तो उसको मुंहतोड़ जवाब देना होगा। 

जीडी बख्शी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी कमजोरी हमारा रक्षात्मक रुख रहा है। जबकि, चीन का रवैया बहुत आक्रामक है। उसका एकमात्र इलाज करारी सैन्य कार्रवाई ही है। उन्होंने कहा कि तमाम राजनेताओं, पाखंडी बुद्धिजीवियों और उदासीन हुकूमतों ने भारत का अहित किया है।

भारतीय फौज को कमजोर करने की साजिश की गई है। चीन के खिलाफ हमें जापान, अमेरिका, वियतनाम और सबसे पुराने और भरोसेमंद रूस का सहयोग लेना चाहिए। चीन पहाड़ और समुद्र में विस्तारवाद कर रहा है तो हमें व्यवहारिक सामरिक नीति बनाकर उसे शिकस्त देनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed