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महंत नरेंद्र गिरि केस: अखाड़ों के प्रतिनिधि करेंगे नए अध्यक्ष का चयन, हरिद्वार से भी कई संत प्रबल दावेदार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 22 Sep 2021 11:33 PM IST

सार

Mahant Narendra Giri Death Case: श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि नए अध्यक्ष का चयन अखाड़ों के प्रतिनिधि करेंगे। हर अखाड़े से दो-दो प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे और सामूहिक निर्णय से ही अध्यक्ष बनेगा।
कुंभ के दौरान महंत नरेंद्र गिरि
कुंभ के दौरान महंत नरेंद्र गिरि - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

श्रीमहंत नरेंद्र गिरि केआकस्मिक निधन से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई। भविष्य में नए अध्यक्ष की ताजपोशी होगी। तब तक फिलहाल उपाध्यक्ष ही अखाड़े के अध्यक्ष के कार्यों के जिम्मेदारी निभाएंगे।

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अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के निधन से संत समाज और अखाड़ा परिषद को झटका लगा है। कथित सुसाइड नोट ने गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित किया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है।

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श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि नए अध्यक्ष का चयन अखाड़ों के प्रतिनिधि करेंगे। हर अखाड़े से दो-दो प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे और सामूहिक निर्णय से ही अध्यक्ष बनेगा। अभी इसकी कोई तिथि घोषित नहीं की गई है।

श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि फिलहाल व्यवस्था अखाड़े के उपाध्यक्ष श्रीमहंत देवेंद्र सिंह शास्त्री संभालेंगे। देवेंद्र शास्त्री निर्मल अखाड़े के सचिव हैं। कुल 13 अखाड़े हैं। हरिद्वार से कई संत भी अध्यक्ष पद के दावेदार हैं।

गो, गंगा और गायत्री के समर्थक थे नरेंद्र गिरि: अर्जुन पुरी

श्री तुलसी मानस मंदिर के परमाध्यक्ष एवं श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। 

उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का आकस्मिक निधन संपूर्ण संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि गो, गंगा और गायत्री के प्रबल समर्थक थे। जिन्होंने संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित किया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। स्वामी अर्जुन पुरी ने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि कुशल नेतृत्व के धनी संत थे। 

श्री चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महान संत थे। सदैव युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित किया। महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि एवं बाबा हठयोगी ने कहा कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि दिव्य महापुरुष थे। 
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