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Haridwar Maha Kumbh Mela 2021: 25 जनवरी को नगर में प्रवेश करेंगी तीन अखाड़ों की धर्मध्वजा

Sun, 10 Jan 2021 07:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 10 Jan 2021 07:21 PM IST
सार

  • कुंभ मेले के लिए नगर प्रवेश, भूमि पूजन, धर्म ध्वजा और पेशवाई की तिथियां घोषित
  • 27 फरवरी और एक मार्च को निकलेगी अखाड़ों की पेशवाई
     

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Maha Kumbh Mela 2021 News: Dharma Dhwaja of Three Akhara will enter in City on On 25th January
महा कुंभ मेला 2021 - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कुंभ मेले के लिए जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि से विचार-विमर्श करने के बाद नगर प्रवेश, भूमि पूजन, धर्म ध्वजा और पेशवाई की तिथियां घोषित कर दी हैं। 

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महंत हरिगिरि ने बताया कि जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा तीनों एक साथ शाही स्नान करते हैं। तीनों की धर्मध्वजा और छावनी जूना अखाड़े के परिसर में ही स्थापित होती हैं। लिहाजा, 25 जनवरी को जूना अखाड़े की अगुवाई में आह्वान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा कांगड़ी स्थित प्रेमगिरी आश्रम से धर्मध्वजा लेकर नगर में प्रवेश करेंगे। जुलूस के आगे-आगे रमता पंच चलेंगे।
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इससे पूर्व अखाड़े में रमता पंच और साधू संत देवी-देवताओं की पूजा अर्चना भी करेंगे। 16 फरवरी को सुबह 10.23 मिनट से दोपहर दो बजे तक जूना अखाड़ा में धर्मध्वजा स्थापना के लिए भूमि पूजन होगा। उसके बाद तीनों अखाड़े बारी-बारी से अपनी धर्मध्वजा स्थापित करेंगे।
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27 फरवरी को दोपहर 12.40 बजे ज्वालापुर स्थित पांडेवाला से अग्नि अखाड़े की पेशवाई निकलेगी। पेशवाई नगर से होते हुए जूना अखाड़े पहुंचकर अपनी-अपनी छावनियों में प्रवेश करेगी। इसके बाद आह्वान अखाड़ा पांडेवाला से एक मार्च को दोपहर दो बजे अपनी पेशवाई निकालेगा। जूना अखाड़ा में पहुंचने के बाद संत अपनी छावनियों में प्रवेश करेंगे। 

यह भी पढ़ें: Kumbh Mela 2021: 48 नहीं 60 दिन का होगा कुंभ, कोविड मानकों का होगा पालन

आह्वान अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री महंत सत्यगिरि ने बताया कि उनके अखाड़े की पेशवाई जुलूस भी पांडेवाला ज्वालापुर से शुरू होगा और जूना अखाड़ा मायादेवी पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि शाही स्नान तीनों अखाड़े एक साथ ही करेंगे। परंपरा के अनुसार जूना अखाड़ा सबसे आगे रहता है, उसके पीछे आह्वान अखाड़ा और उसके पीछे अग्नि अखाड़ा स्नान करता है। इस बार पहली बार इन अखाड़ों के अतिरिक्त किन्नर अखाड़ा और दंडी स्वामी भी जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान करेंगे। 

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कुंभ में पंजीकरण व्यवस्था पर उठाए सवाल

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान पंजीकरण की व्यवस्था की क्या जरूरत है। यह श्रद्धालु की मर्जी है कि वह स्नान करे, संतों के दर्शन या मंदिरों में दर्शन कर घर जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बंदिशें लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कुंभ में शिविर भी लगाए जाएंगे और महामंडलेश्वर नगर भी बसेगा। वे आज मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद इस विषय को उनके समक्ष रखेंगे।

मंहत नरेंद्र गिरि ने कहा मेलाधिकारी दीपक रावत और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने शनिवार को उनसे मुलाकात की। नरेंद्र गिरि ने दावा किया कि उन्होंने कुंभ में साधु-संतों के शिविरों के लिए भूमि आवंटन और व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी तो मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ के आयोजन को लेकर उनके हाथ बंधे हैं। फिलहाल अस्थायी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिविरों की व्यवस्थाएं शासन के निर्देश मिलने के बाद की जाएंगी।

कहा कि उन्होंने मेलाधिकारी से साफ कहा है कि कुंभ में सभी 13 अखाड़ों के संत और महापुरुषों के शिविर लगते हैं। शिविरों में सभी संत और महंत राष्ट्र की एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए रात दिन ईश्वर के नाम का जप करते हैं। 2010 के कुंभ मेले की तर्ज पर ही यह कुंभ भी संपन्न होगा। बाहर से नागा संन्यासी और खालसे भी हरिद्वार आएंगे। कमरे में कुंभ नहीं होगा। सभी संन्यासी अखाड़ों और वैष्णव अखाड़ों के संतों के निवास के लिए शिविर लगाए जाएंगे।

तंबू और छावनी लगाने पर नहीं लगाई गई रोक

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी मंहत नरेंद्र गिरि से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि तंबू और छावनी लगाने पर कोई रोक नहीं है। पंजीकरण की व्यवस्था केवल मुख्य स्नान पर्वों पर रहेगी। मेलाधिकारी का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से जारी होने वाली कोविड की एसओपी को लेकर अपनी बात अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के समक्ष रखी होगी। वहीं, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने भी कोविड के घटते मामलों का हवाला दिया। 

पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से है लागू
आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से प्रदेश में लागू है। अन्य राज्यों से व्यवस्था पालन के लिए अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को लेकर भी एसओपी अगले एक दो दिन में जारी कर दी जाएगी। पर्व स्नान की व्यवस्था के लिए तीन कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स पहुंच गई है। दो कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स कल तक पहुंच जाएगी। 

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