महाकुंभ 2021: लगेंगे सभी अखाड़ों के शिविर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में कई प्रस्ताव पास
- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पास
- 2010 से भी भव्य होगा 2021 का महाकुंभ, बैरागी कैंप नहीं हटाने पर भी बनी सहमति
विस्तार
2021 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर हुई अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सर्वसम्मति से महाकुंभ के भव्य व दिव्य आयोजन पर सहमति बनी।
परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि सभी अखाड़ों के शिविर लगेंगे और 2010 से भव्य महाकुंभ होगा। फरवरी-मार्च तक कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा तो उसी वक्त अखाड़ों की आम सहमति से आगे का निर्णय लिया जाएगा।
शनिवार को जूना अखाड़े में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की सुबह 11 बजे से चार बजे तक करीब पांच घंटे तक बैठक चली। प्रतिनिधियों ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर अपने-अपने तर्क रखे। वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से महाकुंभ के भव्य आयोजन के प्रस्ताव पर मोहर लगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से अखाड़ों के शिविर लगाए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ। शिविरों में बिजली-पानी और अन्य व्यवस्थाएं सरकार कराएगी। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर आएंगे।
उसी हिसाब से व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। फिलहाल निर्णय लिया गया महाकुंभ पिछले कुंभ से बड़ा होगा। फरवरी-मार्च के बीच कोरोना का संक्रमण बढ़ता है तो अखाड़े प्रतिनिधि उसी वक्त बैठक कर आगे का निर्णय लेंगे। श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन बैरागी कैंपों को किसी कीमत पर नहीं तोड़ने दिया जाएगा। बैरागी कैंप जहां हैं वहीं उनके शिविर लगेंगे।
बैठक में ये संत महंत रहे मौजूद
बैठक में महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि, कोठारी महंत दामोदार दास, महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्रपुरी, अग्नि अखाड़ा चंडीगढ़ के सचिव संपूर्णानंद ब्रह्मचारी, श्रीमहंत प्रेम गिरि, महंत महेश मुनि, श्रीमहंत रामरतन गिरि, मुखिया महंत भगतराम, श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज, श्रीमहंत धर्मदास, महंत किशनदास, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामशरण दास, महंत रामजीदास, महंत दामोदर दास, महंत प्रेमदास, महंत जसविंदर सिंह, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महामंडेलश्वर स्वामी सोमेश्वरानंद, महंत सत्यानंद महाराज आदि मौजूद रहे।
अखाड़ा परिषद की मुख्यमंत्री से बैठक
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ देेहरादून में बैठक होगी। शनिवार को परिषद प्रतिनिधियों की बैठक में महाकुंभ आयोजन को लेकर पारित प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद सभी अखाड़ों के लिए शिविर लगाने को भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
11 मार्च को होगा शाही स्नान
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने कहा कि 11 मार्च (महाशिवरात्रि) को पहला शाही स्नान होगा। जबकि श्रद्धालुओं के लिए पर्व स्नान इससे पहले ही शुरू हो जाएंगे। एक जनवरी को प्रदेश सरकार महाकुंभ की घोषणा कर देगी।
शाही स्नान
-पहला स्नान 11 मार्च (महाशिवरात्री)
- दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल (सोमवती अमावस्या)
-तीसरा स्नान 14 अप्रैल (बैसाखी मेष पूर्णिमा)
- चौथा आखिरी शाही स्नान 27 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) पर होगा।
ये होंगे पर्व स्नान
- 14 जनवरी (मकर संक्रांति)
-11 फरवरी (मौनी अमावस्या)
-13 फरवरी (बसंत पंचमी)
-27 फरवरी (माघ पूर्णिमा)
-13 अप्रैल (नव संवत्सर)
कैबिनेट मंत्री और मेला अधिकारी के साथ की बैठक
अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधियों की कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मेला अधिकारी दीपक रावत और आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल के साथ बैठक की। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्रगिरी ने कहा कि अधिकारियों से महाकुंभ के विकास कार्यों को लेकर चर्र्चा की गई।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि महाकुंभ शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने कहा कि प्रयागराज में दो महीने के भीतर विकास कार्य होते हैं। हरिद्वार में अभी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए मेला प्रशासन के पास पर्याप्त समय है।
तैयारियों में नहीं कोई कमी: कौशिक
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधियों की महाकुंभ आयोजन को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ विस्तार से चर्चा होगी। मदन कौशिक ने कहा कि शिविर लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। महाकुंभ में संतों की पेशवाई निकलेंगी। मेला दिव्य और भव्य होगा। कोरोना का प्रभाव बढे़गा तो उसी वक्त निर्णय होगा। अभी भव्य स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।