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Dehradun News: आज से शुरू होगा माघ-मरोज का जश्न
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- पर्व के चलते दूसरे शहर व राज्यों में रहने वाले लोग अपने गांव पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। जौनसार बावर में एक माह तक चलने वाले पारंपरिक रीति-रिवाज पर आधारित पर्व माघ-मरोज की शुरुआत रविवार से होगी। पर्व के चलते दूसरे शहर व राज्यों में रहने वाले लोग अपने गांव पहुंच चुके हैं। गांवों में उत्सव का वातावरण बना हुआ है।
जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के अलावा रंवाई जौनपुर व हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में माघ-मरोज का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति के ठीक दो दिन पहले पर्व की शुरुआत होती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पर्व की शुरुआत सोमवार से भी होगी। पर्व के अवसर पर पुराने समय से चली आ रही लोक परंपरा के मुताबिक प्रत्येक घर में एक-एक बकरा देवता को भेंट किया जाता है। एक माह तक दावतों का दौर चलता है। इनमें प्रत्येक परिवार के लोग अपने नाते-रिश्तेदारों को अपने घरों पर बुलाते हैं। बहन, बेटियों व नई बहु आने पर उनके परिवारों से संबंधित रिश्तेदारों को भी एक दिन आवश्यक तौर पर घर पर आमंत्रित किया जाता है।
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30 से 40 हजार रुपये तक पहुंची बकरों की कीमत
जौनसार बावर में पर्व पर देवता को भेंट किए जाने वाले बकरे अधिकतर ग्रामीण अपने घरों में ही पालते हैं। पर्व नजदीक आने से इनकी कीमत बढ़ जाती है। इस समय 30 से 40 हजार रुपये तक बकरे बिक रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। जौनसार बावर में एक माह तक चलने वाले पारंपरिक रीति-रिवाज पर आधारित पर्व माघ-मरोज की शुरुआत रविवार से होगी। पर्व के चलते दूसरे शहर व राज्यों में रहने वाले लोग अपने गांव पहुंच चुके हैं। गांवों में उत्सव का वातावरण बना हुआ है।
जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के अलावा रंवाई जौनपुर व हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में माघ-मरोज का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति के ठीक दो दिन पहले पर्व की शुरुआत होती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पर्व की शुरुआत सोमवार से भी होगी। पर्व के अवसर पर पुराने समय से चली आ रही लोक परंपरा के मुताबिक प्रत्येक घर में एक-एक बकरा देवता को भेंट किया जाता है। एक माह तक दावतों का दौर चलता है। इनमें प्रत्येक परिवार के लोग अपने नाते-रिश्तेदारों को अपने घरों पर बुलाते हैं। बहन, बेटियों व नई बहु आने पर उनके परिवारों से संबंधित रिश्तेदारों को भी एक दिन आवश्यक तौर पर घर पर आमंत्रित किया जाता है।
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30 से 40 हजार रुपये तक पहुंची बकरों की कीमत
जौनसार बावर में पर्व पर देवता को भेंट किए जाने वाले बकरे अधिकतर ग्रामीण अपने घरों में ही पालते हैं। पर्व नजदीक आने से इनकी कीमत बढ़ जाती है। इस समय 30 से 40 हजार रुपये तक बकरे बिक रहे हैं।
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