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उत्तराखंड में मैगी के 21 नमूने फेल
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
Updated Mon, 15 Jun 2015 08:46 AM IST
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उत्तराखंड में मैगी के 21 नमूने फेल हो गए हैं। 16 नमूनों में मिलावट और पांच नमूनों के गुणवत्ताविहीन होने की पुष्टि हुई है।
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रिपोर्ट के बाद मैगी निर्माता फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। हालांकि संबंधित जिलों को रिपोर्ट भेजने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। कोर्ट में वाद दायर होने के बाद प्रबंधन के खिलाफ सजा और जुर्माना हो सकता है।
नेस्ले की मैगी में एमएसजी पाए जाने पर देश के कई राज्यों में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद 30 मई को सिडकुल पंतनगर स्थित नेस्ले फैक्ट्री से आठ नमूने लेने के अलावा प्रदेश भर में छापेमारी कर नमूने जुटाए गए थे। इन नमूनों की जांच रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य औषधि एवं विश्लेषण प्रयोगशाला में की गई।
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अब 55 नमूनों की जांच पूरी होने के बाद 21 नमूने फेल पाए गए है। 16 नमूनों में मोनो सोडियम ग्लूकोमेट (एमएसजी) की मिलावट जबकि पांच नमूने गुणवत्ताविहीन और असुरक्षित करार दिए गए हैं। लैब प्रभारी अधिकारी एवं सीएमओ डॉ. एचके जोशी ने 21 नमूने फेल होने की पुष्टि की है।
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उन्होंने बताया कि बाकी नमूनों की जांच चल रही है। इधर, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष सिंह सयाना ने बताया कि फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत मिलावट और अद्योमानक होने की दशा में कोर्ट के निर्णय के बाद पांच लाख जुर्माना और छह माह तक की सजा का प्रावधान है।