पंडित जी का लगाया ‘पौधा’ बन गया वृक्ष
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भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की यादें दून में भी जिंदा हैं। शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पंडित मालवीय ने यूं तो देशभर में तमाम शिक्षण संस्थानों की नींव रखी थी लेकिन राजधानी दून में उन्होंने जो शिक्षा का छोटा सा पौधा रोपा था, वह आज वृक्ष बनकर खड़ा है।
जी हां, हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज की स्थापना पंडित जी ने अपने हाथों से की थी। 81 वर्ष पुराने हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज की स्थापना पांच नवंबर 1933 को पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। उस वक्त उनके साथ लाला काशीराम सहित कई गणमान्य लोग थे।
कॉलेज से जुड़े पुराने लोगों का कहना है कि पंडित जी ने यह स्थापना ऐसे वक्त में की थी जब दूर दूर तक कॉलेज नहीं हुआ करते थे। उन्होंने कहा भी था कि दून और आसपास के युवाओं के लिए निश्चित तौर पर यह एक अच्छा कॉलेज साबित होगा। स्थापना के कुछ दिनों बाद ही कॉलेज में दाखिले के लिए भीड़ उमड़ने लगी थी।
गौरव की बात मानी जाती है यहां पढ़ना
कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य आलोक गोयल ने बताया कि उनके पिता जी ने भी यहीं से शिक्षा ली थी। उस वक्त तक कॉलेज दाखिले के लिए बेहद मारामारी रहती थी। करीब 2500 छात्र अध्ययन करते थे। इसके बाद उन्होंने भी यहीं से शिक्षा प्राप्त की। यहां पढ़ना गौरव की बात मानी जाती रही है।
सरकारी सुस्ती ने बिगाड़ दिए हालात
यह अलग बात है कि कॉलेज आज भी संचालित हो रहा है लेकिन सरकारी सुस्ती ने छात्रों की संख्या घटा दी है। कभी जिस कॉलेज में 2500 छात्र पढ़ते थे, आज वहां छात्रों की संख्या 200 तक सिमटकर रह गई है। जितनी भी सरकारें आई, किसी ने इन ऐतिहासिक कॉलेजों को बचाने और आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं की।
दून से था पंडित जी को विशेष लगाव
महामना मालवीय मिशन के सदस्य हरिद्वार रोड निवासी प्रो. विजय कुमार गैरोला को जैसे ही पंडित मदन मोहन को भारत रत्न मिलने की खबर मिली तो वह खुश हो गए।
उन्होंने पुरानी यादों के पन्ने पलटते हुए बताया कि पंडित जी का दून से बेहद लगाव था। वैसे तो वह यहां कई बार आए लेकिन उनका स्थापित किया हुआ हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज आज भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पंडित जी ने शिक्षा में अहम योगदान दिया था। आज उनके नाम पर इस स्कूल के गेट के सामने की सड़क भी है। जिसका नाम मालवीय रोड है।