88 साल बाद नंदा राजजात में आया ऐसा शुभ संयोग
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88 सालों के लंबे अंतराल के बाद इस बार हिमालयी कुंभ नंदा राजजात यात्रा में लाता पैनखंडा की मां नंदा की डोली और छंतोलियां भी शामिल हो रही हैं।
घाटी के करीब पांच हजार श्रद्धालु अपनी पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा का विभिन्न सुरम्य बुग्यालों से होकर 29 अगस्त को वाण में अन्य डोलियों से मिलन होगा।
चमोली जिले की नीती घाटी विषम भौगोलिक परिस्थितियों की घाटी है। वर्ष 1926 में लाता की मां नंदा की डोली होमकुंड तक गई थी। यहां विदाई के दौरान मां नंदा को फाफर के लड्डूओं का भोग लगाया गया।
इसके पश्चात आपदा और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लाता की मां नंदा राजजात यात्रा में शामिल नहीं हो पाई।
यात्रा के पड़ावों में आ सकती है दिक्कत
लाता पैनखंड की मां नंदा 20 अगस्त को यात्रा की शुरूआत करेगी। मां की डोली यात्रा पड़ाव बड़ागांव, सलूड़-डुंग्रा, सेम-कुड़ा, सारतोली, झींझी, रामणी, कनोल, सुतोल होते हुए 29 अगस्त को वाण में अन्य क्षेत्रों से आई मां नंदा की डोलियों के साथ सम्मलित होकर होमकुंड के लिए रवाना होगी लेकिन यात्रा के पड़ावों पर अभी भी सुविधाएं नदारद हैं।
सारतोली और झींझी में पैदल रास्ते भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं जिससे यात्रा के दौरान भारी दिक्कतें आ सकती हैं। रामणी और कनोल गांवों के मध्य भी पैदल रास्तों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
यहां अभी तक शौचालय, पेयजल और विद्युत व्यवस्था भी सुचारू नहीं हो पाई है। जबकि नंदा राजजात को शुरू होने में अब सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा हुआ है।
प्रवासी भी होंगे राजजात में शामिल
लाता पैनखंड की मां नंदा की यात्रा में बड़ी संख्या में भोटिया जनजाति के प्रवासी भी सम्मलित होंगे। हैदराबाद में ओएनजीसी के डायरेक्टर रामकिशन सिंह रावत का कहना है कि मां नंदा की यात्रा में चाहे दो दिन का ही समय मिले, लेकिन मैं परिवार के साथ यात्रा में भाग लेने आऊंगा।
दून अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डा. गुमान सिंह राणा का कहना है कि हर्ष और उल्लास का विषय है कि लाता-पैनखंडा की मां नंदा भी इस बार राजजात यात्रा में शामिल हो रही है।
लाता-पैनखंडा की मां नंदा के यात्रा पड़ावों पर कहीं भी सुविधाएं शासन-प्रशासन द्वारा मुहैया नहीं कराई गई हैं। यदि पड़ावों पर रहने, खाने की सुविधा नहीं मिली, तो मंदिर समिति स्वयं चंदा इकटठा कर राजजात यात्रा को भव्य बनाएगी।
-धीरेंद्र गरोड़िया, महासचिव, लाता मां नंदा राजजात समिति।
गढ़वाली गायक नेगी ने की अपील
गीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाते आ रहे प्रसिद्ध गढ़वाली गायक नरेंद्र सिंह नेगी अब मां नंदा के नाम से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए हैं।
गायक नेगी ने आम लोगों से राजजात यात्रा के दौरान यात्रा पथ और अपने घर और विद्यालयों के इर्द-गिर्द पौधरोपण की अपील कर रहे हैं। उन्होंने आगामी 12 अगस्त को अपने जन्म दिवस के अवसर पर नंदा डाली लगाने का संकल्प लिया है।