हरिद्वार: गैस सिलिंडर में आग लगने से बुरी तरह झुलसे तीन युवक, चीखते हुए एक खुद पहुंचा कोतवाली
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हरिद्वार के ज्वालापुर के मोहल्ला पांवधोई में मंगलवार दोपहर रिफिलिंग करते वक्त घरेलू गैस सिलिंडर में लगी आग की चपेट में आकर तीन युवक बुरी तरह झुलस गए। तीनों को हायर सेंटर रेफर किया गया।
जहां एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। दमकल महकमे ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटना ज्वालापुर कोतवाली से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर घटित हुई।
वहीं, बेहद बुरी तरह झुलसा एक युवक खुद कोतवाली पहुंच गया। युवक के कपड़े पूरी तरह से जल चुके थे और वह भी बुरी तरह झुलस गया था। चीखते कराहते जब वह कोतवाली पहुंचा तब वहां मौजूद हर किसी के रोंगटें खड़े हो गए। वह तुरंत कराहते हुए जमीन पर लेट गया। एसएसआई विकास भारद्वाज ने तुरंत ही ई रिक्शा बुलाकर उसे इलाज के लिए भेजा।
मोहल्ला पांवधोई में माया देवी नाम की एक महिला ने अपना मकान बर्गर और पेटीज बेचने वाले युवकों को किराये पर दिया हुआ है। मंगलवार की दोपहर युवक अपने घरेलू सिलिंडर से छोटे सिलिंडर में गैस रिफिलिंग कर रहे थे।
इसी दौरान पास में ही जल रही भट्टी के कारण गैस लीक होने पर सिलिंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की भयंकर लपटें उठने लगी। ऐसे में वहां मौजूद तीन युवक आग की लपटों की चपेट में आ गए।
मौके पर जमा भीड़ ने किसी तरह झुलसे युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद आनन फानन में युवकों को निजी एवं जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। इधर, घटना की सूचना मिलने पर सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर, एसएसआई विकास भारद्वाज पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
दमकल कर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पाया। फिर दो घरेलू सिलिंडरों एवं एक छोटे सिलिंडर को घर से बाहर निकाल लिया। एसएसआई ने बताया कि झुलसे युवकों में कल्लू (20) पुत्र सिपाहीदार, नन्नू (19) पुत्र कल्ला निवासीगण ताड़ी जिला मऊ यूपी एवं मुकेश (20) पुत्र बाउली निवासी ढपावली राजापुर चित्रकूट यूपी है। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तीनों को देहरादून कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनमें से कल्लू की हालत गंभीर बनी हुई है।
दगा दे गया एक दमकल वाहन
घटना के बाद पहुंचा छोटा दमकल वाहन धोखा दे गया। दलकल कर्मियों ने जैसे ही आग बुझानी चाही तो पाइप से पानी ही नहीं निकला। वो तो गनीमत रही कि पांच मिनट बाद ही दूसरा दमकल वाहन पहुंच गया, तब कही जाकर आग पर काबू पाया जा सका। यदि दमकल वाहन न पहुंचता तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता।