Badrinath Dham: सज गया भगवान विष्णु का धाम बदरीनाथ, आज होगा नर-नारायण का मधुर मिलन; हजारों लोग करेंगे दर्शन
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से बदरीनाथ मंदिर, सिंहद्वार, लक्ष्मी मंदिर और घंटाकर्ण मंदिर को ऑर्किड व गेंदे के फूलों से सजाया गया है। मंदिर के परिक्रमा स्थल में साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है।
विस्तार
देश के चारधामों में सर्वश्रेष्ठ बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। रविवार सुबह ठीक सात बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल जाएंगे। मंदिर समिति और नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दो दिन पहले से जा रहे भक्त
भगवान बदरीनाथ की एक झलक पाने को भक्तगण लालायित हैं। मंदिर के कपाट खुलने से दो दिन पहले ही धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यात्रा पड़ावों पर भी चहल-पहल शुरू हो गई है। शनिवार को देर शाम तक बदरीनाथ में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के करीब 550 वाहन पहुंच गए हैं।
ऑर्किड व गेंदे के फूलों से सजाया गया
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से बदरीनाथ मंदिर, सिंहद्वार, लक्ष्मी मंदिर और घंटाकर्ण मंदिर को ऑर्किड व गेंदे के फूलों से सजाया गया है। मंदिर के परिक्रमा स्थल में साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। बदरीनाथ आस्था पथ को भी पूरी तरह से चाक-चौबंध कर लिया गया है। भूस्खलन क्षेत्र लामबगड़, पागलनाला, छिनका, गुलाबकोटी, हाथी पहाड़ और क्षेत्रपाल में चट्टानों को लोहे की डबल जाली बिछाकर सुरक्षित कर लिया गया है।
तैयार किया गया हाईवे
बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी से कंचन गंगा तक छह जगहों पर श्रद्धालुओं को हिमखंड के दर्शन भी हो रहे हैं। देव दर्शनी के समीप अलकनंदा में अभी भी करीब 200 मीटर का हिमखंड पसरा हुआ है। कंचन गंगा में हाईवे अभी भी सुगम नहीं हो पाया है। यहां बोल्डरों के बीच से ही वाहनों की आवाजाही हो रही है। हालांकि यहां हाईवे के निचले क्षेत्र में मिट्टी और पत्थरों का भरान कर हाईवे को सुरक्षित बनाया गया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मास्टर प्लान के तहत धाम में कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रास्तों की मरम्मत का काम भी पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं के मंदिर तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
माणा गांव में बढ़ी चहल-पहल
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू होने पर देश के प्रथम गांव माणा में भी चहल-पहल शुरू हो गई है। माणा में चाय और अन्य सामानों की दुकान खुल गई है। यहां श्रद्धालु सैर-सपाटे पर पहुंचने लगे हैं। यात्राकाल में यहां सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि इस वर्ष माणा गांव के समीप सरस्वती नदी में पुष्कर कुंभ का आयोजन होगा, जिसे लेकर तैयारियां चल रही हैं। यहां केशव प्रयाग तक पहुंचने के लिए पैदल रास्ते का सुधारीकरण कार्य चल रहा है। भक्तगणों की सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जा रही है।
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पॉलीथिन मुक्त होगी बदरीनाथ धाम की यात्रा
चमोली जिला प्रशासन ने इस वर्ष बदरीनाथ की तीर्थयात्रा को पॉलीथिन मुक्त रखने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने धाम और यात्रा पड़ावों पर स्थित होटल व ढाबा संचालकों को पॉलीथिन का उपयोग कम से कम करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रतिष्ठानों को साफ-सुथरा करने के लिए कहा है। कर्णप्रयााग, गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर के होटलों के संचालकों को अनिवार्य रूप से रेट लिस्ट चस्पा करने और फायर सिलिंडर रखने के निर्देश दिए हैं।