गोल्ड लोन कंपनी में लूट के लिए पहुंचे हथियारबंद बदमाश, ले गए सिर्फ कर्मचारी का पर्स, ये थी वजह
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हथियारबंद बदमाशों ने देहरादून हाईवे स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन्स कंपनी में घुसकर मैनेजर समेत चार कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद कंपनी में रखे सोने और नकदी के बारे पूछा, लेकिन मैनेजर ने लॉकर की चाबी नहीं होने की बात कही तो बदमाश एक कर्मचारी के पर्स में रखे नौ हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
सूचना पाकर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और छानबीन की। पुलिस ने कंपनी में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध नजर आए। फुटेज के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। उधर, एसएसपी ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। साथ ही अधीनस्थों को जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित मालवीय चौक के पास आईआईएफएल गोल्ड लोन्स कंपनी का कार्यालय है। यहां मैनेजर कपिल सक्सेना समेत सीमा राणा और संदीप प्रजापति समेत चार कर्मचारी तैनात हैं। सोमवार सुबह करीब 11 बजे कार्यालय में दो युवक पहुंचे। कुछ देर बाद दो और युवक पहुंच गए। चारों में से एक युवक ने पिस्टल निकालकर मैनेजर समेत चारों कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
इसके बाद बदमाशों ने सभी के मोबाइल छीन लिए और स्ट्रांग रूम की चाबी मांगी। इस पर मैनेजर ने कहा कि स्ट्रांग रूम के लॉकर का ओटीपी मुंबई हेड क्वार्टर से आता है। इसके बाद बदमाशों ने दो कर्मचारियों के पर्स निकलवाकर मेज पर रख दिए। इसी बीच एक बदमाशों ने एक कर्मचारी का पर्स उठा लिया और बाहर से कार्यालय का गेट बंद कर फरार हो गए। कर्मचारियों ने किसी तरह कार्यालय का दरवाजा खोला और पास में ही स्थित एक कार्यालय में पहुंचकर वहां काम करने वालों से मोबाइल लेकर सूचना पुलिस को दी।
लूट की सूचना मिलते ही एसपी देहात नवनीत सिंह, सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट, गंगनहर कोतवाली प्रभारी राजेश साह और सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी देहात ने मैनेजर और कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान पुलिस ने कार्यालय के अंदर और गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध युवक नजर आए। दोपहर बाद एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने भी कंपनी के कार्यालय पर पहुंचकर मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की। एसएसपी ने बताया कि चार बदमाश कार्यालय में घुसे थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है।
नहीं था कोई गार्ड तैनात
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि जिस समय कार्यालय में वारदात हुई थी, उस दौरान गार्ड भी तैनात नहीं था। गार्ड के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि पिछले कई महीने से गार्ड नहीं है। मैनेजर ने बताया कि सोमवार को ही गार्ड की तैनाती होनी थी। एसपी देहात ने बताया कि गार्ड की तैनाती न होने पर कार्यालय के खिलाफ पुलिस एक्ट में कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही जितने भी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों पर गार्ड तैनात नहीं है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उधर, वारदात के करीब दो घंटे बाद मंगलौर के गांव मुंडलाना निवासी सुरक्षा गार्ड सुभाष कुमार कार्यालय पहुंचा। पुलिस ने जानकारी ली तो उसने बताया कि सोमवार को ही उसकी तैनाती हुई है।
12 हजार रुपये छोड़ गए बदमाश
लूट की बड़ी वारदात के इरादे से आए बदमाशों को कैश और गोल्ड नहीं मिल पाया। हालांकि, बदमाश एक कर्मचारी के पर्स में रखी नौ हजार की नकदी उठाकर ले गए जबकि दूसरे कर्मचारी के पर्स में रखी 12 हजार की नकदी को कार्यालय में ही छोड़ गए।