उत्तराखंड आ रही ट्रेनों में सफर करना है 'खतरनाक'
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इन दिनों उत्तराखंड आ रही ट्रेनों में सफर करना खतरनाक है। जी, हां पिछले दिनों हुई दो वारदातें इसकी तस्दीक कर रही हैं।
बेखौफ बदमाशों द्वारा हरिद्वार के लक्सर में दो ट्रेनों में की गई लूटपाट के मामले में आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने क्षेत्र में ही डेरा डाल दिया है।
अधिकारी इन वारदातों के पीछे बावरिया गिरोह का हाथ मान रहे हैं। हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ कुछ लगा नहीं है। आरपीएफ के वरिष्ठ कमांडेंट एके बर्णवाल ने रेलवे स्टेशन पर सहयोगी अधिकारियों के साथ बैठक कर वारदातों का खुलासा करने के निर्देश दिए। दो टीमों को सहारनपुर भेजा गया है।
लक्सर के पास शनिवार (13 जून) की रात बेखौफ बदमाशों ने दून-हावड़ा एक्सप्रेस और अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस के यात्रियों ने आतंकित कर सोने के गहने, नगदी और अन्य सामान लूट लिया था। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने लक्सर, नजीबाबाद, मुरादाबाद और लखनऊ पहुंचकर दर्ज कराई थी।
लुटेरों के बारे में कुछ पता नहीं
अभी तक लुटेरों का कोई पता नहीं चल पाया है। सोमवार को आरपीएफ के वरिष्ठ कमांडेंट एके वर्णवाल ने लक्सर पहुंचकर जीआरपी के एसएसपी अनंत शंकर टाकवाले और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थानीय पुलिस की वारदातों का खुलासा करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ कमांडेंट ने ट्रेनों में बढ़ते अपराध की रोकथाम के लिए सभी ट्रेनों में गश्त कराने, लक्सर, रायसी, डोसनी और ढंडेरा आदि स्टेशनों तक रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीओ बहादुर सिंह चौहान, कोतवाल जयदेव आर्य, जीआरपी थानाध्यक्ष देहरादून आरपी सती, हरिद्वार के थानाध्यक्ष डीएस वाजबा और लक्सर के थानाध्यक्ष दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।