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लोकायुक्त विधेयक पर सदन में छिड़ेगी जंग
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 20 Jan 2014 08:42 AM IST
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13 जनवरी के बाद सोमवार से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र में खासा हंगामा होने के आसार हैं। सत्ता पक्ष लोकायुक्त विधेयक सदन के पटल पर रखेगा। भाजपा इसका विरोध करने की तैयारी में भी है।
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दूसरी ओर प्रश्नकाल और शून्य काल के कारण भी सदन में गरमी बनी रहेगी। कांग्रेस सदन के पटल पर सोमवार को लोकायुक्त विधेयक के अलावा दो और विधेयक और तीन अध्यादेश भी रखने की तैयारी कर रही है।
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लोकायुक्त के लिए था विशेष सत्र
लोकायुक्त विधेयक को सदन के पटल पर रखने के लिए ही कांग्रेस सरकार ने यह विशेष सत्र बुलाया था। 13 जनवरी को सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ था और इस कारण और कोई बिजनेस नहीं हुआ।
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15 जनवरी को बसपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के कारण सत्र अवकाश रहा। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संगठन की बैठकों में व्यस्त हो गए। ऐसे में कार्यमंत्रणा ने 20-21 जनवरी को सत्र बुलाने का फैसला किया था।
दो दिन का चाहिए समय
लोकायुक्त विधेयक को सदन की मंजूरी दिलाने के लिए भी सत्ता पक्ष को कम से कम दो दिन का समय चाहिए। लिहाजा सोमवार को सदन के पटल पर लोकायुक्त विधेयक रखे जाने की तैयारी है।
संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृद्येश ने इसकी पुष्टि की। दूसरी ओर विपक्ष इस विधेयक का पुरजोर विरोध करने की तैयारी में हैं। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का साफ कहना है कि यह विधेयक भाजपा को कतई मंजूर नहीं है।
प्रश्न काल में घेरने की तैयारी
सोमवार को प्रश्न काल भी होगा और शून्यकाल भी। ऐसे में सत्ता पक्ष के मंत्रियों को घेरने के लिए भी विपक्ष तैयारी में जुटा हुआ है।
विपक्ष कर्मचारियों से लेकर क्षेत्र में काम न होने, आपदा आदि मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। करीब 200 सवाल इस बार सत्र में लगे हुए हैं।
मंत्री नहीं हैं तैयार
कांग्रेस के अधिकतर मंत्री इस बार संगठन और सरकार के मसलों में खासे उलझे रहे, लिहाजा सदन में होमवर्क की कमी मंत्रियों को परेशान कर सकती हैं। कांग्रेस के सामने फ्लोर मैनेजमेंट की भी परेशानी होगी।
नेतृत्व परिवर्तन के मामले को लेकर नेता सदन विजय बहुगुणा और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश के बीच दूरी बढ़ी है।
स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि सभी दलों से शांतिपूर्वक सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की गई है।
लोकायुक्त विधेयक का भाजपा विरोध करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की ओर से लाए गए लोकायुक्त विधेयक की ही सदन से मंजूरी ली जानी चाहिए थी। अगर कांग्रेस को इस विधेयक में खामियां नजर आ रहीं थीं तो संशोधन विधेयक लाया जा सकता था। सरकार की मंशा कुछ और ही है।
- अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष