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अन्ना के जनलोकपाल जैसा होगा 'लोकायुक्त'

Fri, 27 Dec 2013 11:51 AM IST
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 Dec 2013 11:51 AM IST
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lokayukt bill present in assembly

उत्तरखंड सरकार लोकपाल की तर्ज पर हूबहू नया लोकायुक्त कानून बनाएगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में फैसला लिया गया कि नए लोकायुक्त कानून को विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।

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नए साल में होगा पेश
सरकार ने इसकेलिए 13 से 16 जनवरी के बीच विशेष सत्र बुलाया है। नए कानून के पास होते ही खंडूरी की सरकार में पास कानून पूरी तरह खारिज हो जाएगा।

चूंकि अभी तक सरकार ने खंडूरी केलोकायुक्त को अधिसूचित नहीं किया है लिहाजा मौजूदा समय में प्रदेश में लोकायुक्त की व्यवस्था नहीं है।

कैबिनेट ने दी संस्तुति
कैबिनेट के फैसले के संबंध में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि नए लोकायुक्त को कैबिनेट ने संस्तुति दी है। इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार केलोकपाल बिल को ही प्रदेश में लोकायुक्त की तरह लागू करेंगे।
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केंद्र ने जरूरी संशोधन भी पास कर दिए हैं। प्रदेश का लोकायुक्त केंद्र के आठ सदस्यों की जगह पांच सदस्यीय होगा। हाईकोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में गठित लोकायुक्त में एक महिला सदस्य के साथ एक सदस्य एससी-एसटी, ओबीसी या अल्पसंख्यक वर्ग से भी होगा।
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छह महीने में कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोकायुक्त बिल विधानसभा में पास होने के बाद छह महीने में काम करने लगेगा। इस दौरान सभी जरूरी नियुक्तियां और ढांचागत व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी।

लोकायुक्त प्रदेश के सात साल पुराने मामलों को भी सुन सकेगा। उसे मुख्यमंत्री की जांच का भी अधिकार होगा।

स्टेट विजिलेंस कमीशन का गठन
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के मुख्य सतर्कता आयोग की तर्ज पर प्रदेश में राज्य सतर्कता आयोग का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि नए एक्ट में आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


जल्दबाजी में लाए थे खंडूरी: रावत
मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि खंडूरी की सरकार में विधानसभा से पास लोकायुक्त जल्दबाजी में बिना मंथन के आया था। सस्ती लोकप्रियता को पाने से केलिए भाजपा ने ऐसा किया जिसे प्रदेश की जनता ने विधानसभा चुनाव में खारिज कर दिया। देश की पार्लियामेंट लोकपाल लेकर आई है जिसे भाजपा का भी समर्थन है। इस पर कोई विवाद भी नहीं है। सरकार नया कानून ला रही है इसलिए पुराना स्वत: निरस्त हो जाएगा।

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