लोकसभा चुनाव 2019: दूर नहीं हो रहा सस्पेंस, भाजपा इन दो सीटों पर तो कांग्रेस तीन में उलझी
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उत्तराखंड में कार्यकर्ता चुनावी फ्रंट पर उतर चुके हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाए हैं। दोनों पार्टियों को जिताऊ चेहरों की तलाश है। भाजपा में दो सीटों नैनीताल और अल्मोड़ा पर चेहरे तय करने पर कशमकश है, तो कांग्रेस में तीन सीटों हरिद्वार, नैनीताल और टिहरी में पेच फंसा है। हालांकि दोनों दलों में जिन सीटों पर नाम फाइनल हो चुके हैं, उन नेताओं को नामांकन की तैयारी का संकेत दे दिया गया है।
भाजपा के पांच सिटिंग सांसदों में जनरल खंडूड़ी साफ कर चुके हैं कि उनकी जगह किसी और को टिकट दिया जाए। कांग्रेस से जनरल खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी का नाम पर लगभग तय होने से भाजपा जनरल के करीबी राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत पर मुहर लगना करीब-करीब तय माना जा रहा है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी के चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरने की वजह से नैनीताल सीट पर उम्मीदवारी तय करना पार्टी के गले की फांस बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक नैनीताल से बतौर विकल्प प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और विधायक पुष्कर सिंह धामी को रखा गया है। अल्मोड़ा सीट पर भाजपा के सांसद अजय टम्टा वर्तमान सांसद होने के चलते फायदे में नजर आ रहे हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व के सामने मजबूत पैरोकारी भी है। अगर आखिरी समय में निर्णय नहीं बदला तो टम्टा को दोबारा टिकट मिलना तय माना जा रहा है। इस सीट से विधायक रेखा आर्य ने भी दावा ठोक रखा है। भाजपा में दो संसदीय सीटों टिहरी और हरिद्वार में प्रत्याशियों के नाम तय बताए जा रहे हैं। पूरी संभावना है कि टिहरी से सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और हरिद्वार से सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को ही टिकट मिलेगा।
भाजपा के चेहरों के इंतजार में कांग्रेस
कांग्रेस ने किसी भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, लेकिन दो सीटों पर नाम तय माने जा रहे हैं। फंसी हुई सीटों पर कांग्रेस को भाजपा के चेहरों का इंतजार है। भाजपा सांसद जनरल बीसी खंडूड़ी के बेटे मनीष का पौड़ी से टिकट तय है। अल्मोड़ा से राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को पार्टी उतारने का मन बना चुकी है। तीन सीटों हरिद्वार, टिहरी और नैनीताल में पार्टी नेतृत्व उलझा हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की हां और न के बीच दो सीटें फंसी हैं। पार्टी की टिहरी सीट से प्रीतम सिंह पसंद है। हालांकि प्रीतम चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं। हालिया बयान में उन्होंने कहा था कि वे चुनाव लड़ेंगे नहीं, लड़ाएंगे। वैसे कांग्रेस में प्रीतम के अलावा ऐसा कोई बड़ा चेहरा नहीं है जो टिहरी संसदीय क्षेत्र में भाजपा की दिक्कतें बढ़ा सकता हो। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी इस सीट से दावेदार हैं, लेकिन उनको लेकर पार्टी गंभीर नहीं दिख रही।
अब देखना है कि प्रीतम को आलाकमान राजी कर पाते हैं या नहीं। भाजपा के टिकट तय नहीं होने से हरीश रावत भी उलझन में बताए जा रहे हैं। उनकी हरिद्वार और नैनीताल दोनों सीटों पर दावेदारी बताई जा रही है। अगर कोश्यारी भाजपा का चेहरा नहीं हुए तो हरीश रावत नैनीताल से मैदान में उतर सकते हैं। वरना वे निशंक के खिलाफ हरिद्वार से ताल ठोक सकते हैं। हालांकि नैनीताल सीट से पूर्व सांसद महेंद्र पाल मजबूत दावेदार हैं। वैसे पूर्व सीए हरीश रावत किस सीट से उतरेंगे यह भाजपा के प्रत्याशी तय करने बाद ही स्पष्ट होगा।