जनता के मुद्दे पर ध्यान नहीं, कैसे जीतेंगे नेताजी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए सात मई को मतदान होगा। इस दिन मतदाता संसद के लिए अपने प्रतिनिधि का चयन करेंगे।
पढ़ें, फौजियों पर कांग्रेस का जोर, भाजपा तलाश रही तोड़
इस बीच नेताओं ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। सियासी दलों के नेता बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं लेकिन लोगों से जुड़े मुद्दों पर बात नहीं कर रहे हैं।
एक दल का नेता दूसरे दल के नेता को कोस रहा है लेकिन यह नहीं बता रहा है कि वह संसद में जाएगा तो अपने क्षेत्र की जनता के लिए क्या करेगा?
पढ़ें, पिन के चक्कर में झुग्गी बस्ती के लोगों से पिट गए नेताजी
अमर उजाला हर रोज जनता की कुछ ऐसी समस्याएं सामने लाएगा, जिसे नेता मुद्दा नहीं बना रहे हैं लेकिन जिसे असल में मुद्दा होना चाहिए।
पहली कड़ी में पढ़ें और जानें राजधानी के कुछ सरकारी स्कूलों की दशा। ये स्कूल केवल नमूने भर हैं। अन्य स्कूलों की दशा भी ऐसी ही है।
यहां देश का भविष्य पढ़ता है नेता जी
हाईकोर्ट आदेश दे चुका है कि प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं। भवनों की मरम्मत, पुनर्निर्माण हो और फर्नीचर की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
पढ़ें, फौजियों पर कांग्रेस का जोर, भाजपा तलाश रही तोड़
लेकिन शिक्षा विभाग को न आदेश की फिक्र है और न छात्रों की चिंता। प्रदेश के दूरस्थ जिलों की बात छोड़िए, राजधानी में स्कूलों का बुरा हाल है।
भवन जर्जर हैं, जबकि बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन कई स्कूलों में अब तक पेयजल की सुविधा नहीं है। लोकसभा चुनाव हो रहा है लेकिन कोई भी नेता इन स्कूलों की दशा सुधारने की बात नहीं कर रहा है।
समय : दोपहर 12:00 बजे
स्थान : प्राथमिक विद्यालय बंजारावाला
यहां कुछ बच्चे स्कूल के बाहर खेल रहे हैं। बच्चों के लिए क्लास में फर्नीचर नहीं है। पीने के पानी के लिए स्कूल में हैंडपंप लगा है, लेकिन उससे गंदा पानी निकलता है।
स्कूल में पानी की टंकी है, लेकिन गर्मी की शुरुआत से पहले ही उसका पानी सूख गया है।
मिड मील का संकट
स्थान : संकुल केंद्र माजरा
समय : दोपहर के 1.30 बजे
संकुल के दो स्कूलों में मिड डे मील का संकट बना हुआ है। राधा श्याम जूनियर हाईस्कूल निरंजनपुर और दून घाटी ग्रामीण विद्या मंदिर सेवला कलां में चावल नहीं होने से अन्य स्कूलों से व्यवस्था की गई है।
पढ़ें, देहरादून में सेना ने 'रोके' हजारों लोगों के रास्ते
संकुल समन्वयक उर्मिला बिजल्वाण बताती हैं कि स्कूलों को पर्याप्त चावल आवंटित नहीं हो पा रहा है।
स्कूलों में पेयजल की समस्या को दूर किया जा सके इसके लिए स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से व्यवस्था कराई जाएगी। समस्त बीईओ को लिखा जा रहा है। बीईओ को निर्देशित किया जा रहा है कि बच्चों के लिए बैठने एवं मिड डे मील की समस्या जल्द दूर करें।
- एसपी खाली, मुख्य शिक्षा अधिकारी
स्कूल में बैठने की जगह तक नहीं
स्थान : हाईस्कूल और जूनियर हाईस्कूल बंजारावाला
समय : दोपहर के 12.30 बजे
हाईस्कूल जूनियर हाईस्कूल के भवन में चल रहा है। न तो जूनियर हाईस्कूल के बच्चों के बैठने के लिए जगह है, न ही हाईस्कूल के बच्चों के लिए।
पढ़ें, राजनीतिक दलों ने पार की अश्लीलता की हद
जूनियर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेश सिंह बताते हैं कि स्कूल में 120 बच्चे हैं, लेकिन हाईस्कूल भी होने से दिक्कत होती है। दो साल से यही स्थिति है।
स्थान : राजकीय कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेहूंवाला
समय : दोपहर के एक बजे
स्कूल भवन जर्जर हाल में है। क्लास के भीतर लगे सीमेंट के पीलर दीवार छोड़ चुके हैं, जो कभी भी छात्राओं पर गिर सकते हैं। छत से प्लास्टर झड़ रहा है। 182 छात्राओं वाले स्कूल में बच्चों के पास किताबें तक नहीं हैं।
पुरानी किताबें मांगकर काम चलाया जा रहा है। इस स्कूल की दो शिक्षिकाओं की बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी लगी है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी पयाल स्कूल में मौजूद नहीं हैं। बताया गया कि प्रधानाध्यापिका बैंक गई हैं।