Uttarakhand: पांच बड़े मुद्दे गरमाने को कांग्रेस तैयार, भाजपा उसी अंदाज में कर रही पलटवार, पढ़ें खास रिपोर्ट
मानसून के बाद दोनों दलों की चुनावी जंग और ज्यादा भीषण होने के आसार हैं। अमर उजाला ने दोनों दलों की चुनावी रणनीति की पड़ताल की। पेश है ये रिपोर्टः
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लोकसभा चुनाव से पहले पांच बड़े मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड, अग्निवीर, भर्ती घोटाला, जोशीमठ आपदा और केदारनाथ गर्भ गृह के मुद्दों को स्वाभिमान न्याय यात्रा में अपने सबसे प्रमुख हथियार बनाए है, लेकिन भाजपा भी उसी अंदाज में पलटवार की तैयारी में हैं।
विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने के साथ ही पार्टी केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सांगठनिक कार्यक्रमों के जरिये कांग्रेस के हमले को नाकाम करने की रणनीति बना रही है। मानसून के बाद दोनों दलों की चुनावी जंग और ज्यादा भीषण होने के आसार हैं। अमर उजाला ने दोनों दलों की चुनावी रणनीति की पड़ताल की। पेश है ये रिपोर्टः
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कांग्रेस और भाजपा का वार-पलटवार
1-अंकिता हत्याकांड
कांग्रेस : वीआईपी कौन है। आरोपी का नार्को टेस्ट क्यों नहीं हुआ। सीबीआई जांच क्यों नहीं हुई? सरकारी वकील निष्पक्ष।
भाजपा : मामला न्यायालय में है। जांच एजेंसियां जांच रिपोर्ट सौंप चुकी है। आरोपी गिरफ्तार हुए। कांग्रेस अवसर तलाश रही।
2- अग्निवीर
कांग्रेस : युवाओं के भविष्य से धोखा हुआ है। चार साल का कार्यकाल मजाक बन गया। देश की सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ। रेजीमेंटों को खतरा बना।
भाजपा : युवाओं को भड़काने का काम कर रही कांग्रेस। रक्षा विशेषज्ञों की लंबी चर्चा के बाद रोजगारपरक और सेना को मजबूत करने वाली योजना है।
3- केदारनाथ
कांग्रेस : लगातार मर्यादा भंग हुई। गर्भगृह से सोना गायब हो गया। पंडा-पुरोहितों के अधिकारों का हनन हुआ।
भाजपा : सभी आरोप जांच में झूठे पाए गए। कांग्रेस धर्मस्थलों के खिलाफ नकारात्मक छवि बनाती रही है। उसके आरोपों में दम नहीं है।
4- जोशीमठ आपदा
कांग्रेस : पर्यावरण रिपोर्ट की अनदेखी हुई। जोशीमठ विस्थापन नीति स्पष्ट नहीं। आदिगुरू शंकराचार्य का अपमान क्यों? हेलंग बाईपास क्यों?
भाजपा : मुआवजा और राहत के लिए आम लोगों की राय पर नीति तैयार की गई। अब तक सबसे अच्छी योजना है। पहली बार तकनीकी जांच कराई गई।
5- भर्ती घोटाला
कांग्रेस : युवाओं को नौकरी की जगह लाठी मिली। हाकम का हाकिम कौन? आरोपी नेताओं को किसकी शह? हाईकोर्ट जज की निगरानी में सीबीआई जांच हो।
भाजपा : भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच में नकल माफिया जेल में पहुंचाए गए। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया। कई राज्य कानून की सराहना कर रहे हैं। आयोग लगातार नई भर्ती परीक्षाएं करा रहे हैं।
जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस स्वाभिमान यात्रा निकाल रही है, उन पर सरकार निर्णायक कार्रवाई कर चुकी है। जनता ने सरकार के फैसलों की सराहना की है। नकल माफिया जेल में हैं। राहुल गांधी को मिली थोड़ी राहत का जश्न मनाने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस को जनसरोकारों से कुछ लेना-देना नहीं है।
- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
हमने स्वाभिमान यात्रा के दौरान उठाए हुए मुद्दों पर जो सवाल किए हैं, सत्तारूढ़ भाजपा और सरकार के पास जवाब नहीं हैं। जनता इनके झूठ से तंग आ चुकी है। बेरोजगार नौजवान भर्ती घोटाले के खिलाफ आवाज उठाता है, तो आवाज बंद कर दी जाती है। हम इन्हें बेनकाब कर रहे हैं।
- करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस