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Lockdown 3.0: कोरोना संकट के बीच दून अस्पताल में गूंजी 195 किलकारियां

Tue, 12 May 2020 11:23 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 12 May 2020 11:23 AM IST
सार

  • दून अस्पताल में अब कोरोना पॉजिटिव, कोरोना संदिग्ध और पाबंद क्षेत्रों क गर्भवतियों का हो रहा प्रसव

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Lockdwon 3.0 : in between corona pandemic 195 kids birth in doon hospital
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : dailystar.co.uk

विस्तार

देहरादून के राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में कोरोना संकट के बीच गूंज रही किलकारियां डॉक्टरों और स्टाफ में नई ऊर्जा का संचार कर रही हैं। मार्च में कोरोना का पहला मरीज आने से लेकर अब तक दून अस्पताल में 195 किलकारियां गूंज चुकी हैं। इनमें 34 शिशु ऐसे हैं जिनकी माताओं को कोरोना संदिग्ध के रूप में भर्ती किया गया था।
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दून अस्पताल में जिस दिन से कोरोना मरीज भर्ती होने शुरू हुए थे तभी से महिला विंग में पहुंचने वाली गर्भवतियों और नवजातों को जरूरी उपचार देने के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाना चुनौती थी। इसके लिए कॉलेज और अस्पताल प्रशासन ने महिला विंग के साथ तालमेल बैठाते हुए पुख्ता बंदोबस्त किए।
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इस बीच अस्पताल में नई उम्मीद के रूप में नवजात आंखें खोलते रहे। भले ही कुछ दिन बाद गर्भवतियों के इलाज और प्रसव की व्यवस्था राजकीय जिला गांधी शताब्दी अस्पताल और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में की गई।
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फिर भी कोरोना, उसके लक्षण और पाबंद क्षेत्रों से आनी वाली गर्भवतियों का उपचार और प्रसव दून अस्पताल में ही कराए जा रहे हैं। ताकि उन्हें कोरोना मरीजों की तरह उपचार मिले और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा न हो।

जच्चा-बच्चा को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए फूल प्रूफ रणनीति

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि प्रसव कराने और जच्चा-बच्चा को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए फूल प्रूफ रणनीति तैयार की है। इसमें सभी डॉक्टरों और स्टाफ का बड़ा योगदान रहा। अस्पताल में जब भी कोई नया बच्चा जन्म लेता है तो स्टाफ में जीवन को लेकर नई स्फूर्ति का संचार होता है।

यह रही स्थिति

-15 मार्च को दून अस्पताल में कोरोना का पहला मरीज भर्ती हुआ। 15 मार्च से 31 मार्च तक दून अस्पताल में 107 शिशुओं ने जन्म लिया।
-एक अप्रैल से 11 मई तक 54 शिशुओं ने दून अस्पताल के जनरल लेबर रूम में जन्म लिया।
-अस्पताल में पैदा होने वाले 34 शिशु ऐसे हैं, जिनकी माताओं को कोरोना संदिग्ध के रूप में भर्ती किया था। इन महिलाओं का प्रसव आइसोलेशन वार्ड में किया।
-34 में से एक महिला में कोरोना पॉजिटिव भी पाया गया था। अब जच्चा बच्चा स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

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