Lockdown 3.0 : दिल्ली में फंसे प्रवासियों की रेल से हो सकेगी वापसी, केंद्रीय रेल मंत्री ने दी सहमति
- राज्य सरकार रेलवे बोर्ड को भेजेगी प्रस्ताव
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दिल्ली में फंसे उत्तराखंड के लोगोें की घर वापसी ट्रेनों के माध्यम से हो सकेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से इस संबंध में वार्ता की है। वहीं, केंद्रीय रेल मंत्री ने सहमति दी है दिल्ली से उत्तराखंड के लिए ट्रेन चलाने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश सरकार शीघ्र रेलवे बोर्ड को इस संबंध में प्रस्ताव भेजेगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के करीब 40 हजार प्रवासी दिल्ली में फंसे हैं, जो राज्य वापस आना चाहते हैं। कहा कि रेलवे बोर्ड ने पांच सौ किलोमीटर से अधिक दूरी पर ही रेल चलाने का फैसला लिया था। जबकि, बसों से इतने लोगों को लाने में लंबा समय लगेगा। जबकि, ट्रेन से एक साथ 12 सौ लोगों को लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्री से विशेष आग्रह किया है कि पर्वतीय राज्य होने के नाते उत्तराखंड को पांच सौ किलोमीटर दूरी वाले नियम से बाहर रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष ट्रेन के लिए रेलवे बोर्ड ने केवल एक स्टॉप पर रुकने की व्यवस्था की है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि ट्रेन को कम से कम दो स्टेशनों पर रुकने की अनुमति दी जाए।
वहीं, केंद्रीय रेल मंत्री ने इस पर भी सहमति दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपना प्लान बनाकर रेलवे बोर्ड को दे। इसके लिए हम व्यवस्था करेंगे।
राज्य सरकार वहन करेगी खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से रेल के माध्यम से प्रवासियों को लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने से लोगों को जल्द से जल्द प्रदेश लाया जा सकेगा। कहा कि सभी प्रवासियों को लाने का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
23794 प्रवासियों अब तक आए वापस
शनिवार को प्रदेश सरकार ने फिर दोहराया कि सभी प्रवासियों को वापस लाया जाएगा। बसों से लाने में प्रक्रिया के कारण समय लग रहा है। सरकार अब यूपी से अगले तीन चार दिन में 9300 लोगों की वापसी की कोशिश कर रही है।
शनिवार को सचिवालय के मीडिया सेंटर में मीडिया से मुखातिब नोडल अधिकारी शैलेश बगौली ने बताया कि प्रवासियों को लाने के लिए कई बातों का ध्यान रखना होता है। बसों की उपलब्धता के साथ ही अन्य राज्यों से बातचीत भी लोगों की वापसी की संख्या को प्रभावित कर रही हैं। शनिवार तक 1.79 लाख लोगों ने राज्य में आने के लिए पंजीकरण कराया है।
इसमें से आठ मई की रात तक 23794 लोगों को वापस लाया जा चुका है। जल्द ही उत्तर प्रदेश से 9300 लोगों को पास निर्गत करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने ने बताया कि अभी तक सबसे अधिक लोग हरियाणा से वापस आए हैं। सबसे अधिक पंजीकरण दिल्ली से हुए हैं। पटियाला से 173 लोग, पंजाब के फरीदकोट से 290 लोगों को भी वापस लाने की तैयारी है।
कहां से कितने पंजीकरण
दिल्ली - 50 हजार
महाराष्ट्र - 20 हजार
हरियाणा - 20 हजार
यूपी - 30 हजार
कहां से कितने आए वापस
हरियाणा - 11482
चंडीगढ़ - 4838
उत्तर प्रदेश - 3526
राजस्थान - 2409
दिल्ली - 482
पंजाब - 327
गुजरात - 319
अन्य राज्य-411
कुल - 23794
प्रदेश में आने वालों का ऑनलाइन पंजीकरण -179615
प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वालों की संख्या - 34886
अन्य प्रदेशों को जाने वालों का पंजीकरण - 21717
कुल कितने लोगों को भेजा गया - 6378