#ladengecoronase: उत्तराखंड में भूखे-प्यासे रहकर वायरस से लड़ रहे कोरोना फाइटर
- 24 घंटे सतर्क और सजग है मेडिकल स्टाफ, नगर पालिकाकर्मी और पुलिसकर्मी
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पूरा विश्व कोरोना महामारी के संक्रमण से जूझ रहा है। आमजन जहां घरों में रहकर संक्रमण से बचाव में अपना योगदान दे रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य, नगर पालिका और पुलिस से जुड़े कर्मचारी सड़कों और अस्पतालों में दिनरात अपनी सेवाएं देकर कोरोना फाइटर के रूप में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं।
इन कर्मियों में कई ऐसे भी लोग हैं जो कई घंटों तक भूखे और धूप में रहकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान अमर उजाला की टीम आपको क्षेत्र के ऐसे ही कुछ कोरोना फाइटर के विचारों से रू-ब-रू करवाएगी जो पूरी
शिद्दत के साथ आपके और पूरे समाज की हिफाजत के लिए दिनरात एक किए हुए हैं।
कोरोना महामारी के दौरान कई सीनियर डॉक्टर पूरे दिन 24 घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं। संक्रमण से बचाव के लिए पूरी सावधानी के साथ मरीजों की जांच की जा रही है। महामारी के दौरान कई डॉक्टरों ने अपने वर्किंग ऑवर खुद आगे बढ़ा दिए हैं। लोगों से भी अपील है कि वह पूरी तरह से घर में रहकर अपनी सेहत का ख्याल रखें।
- डॉ. केसी शर्मा, सीनियर फिजिशयन, उप जिला अस्पताल विकासनगर
दिन-रात लोगों को बांटी जा रही दवाइयां
कोरोना संक्रमण के चलते 24 घंटे अस्पताल में इमजरेंसी सेवाएं चल रही हैं। दिन-रात लोगों को दवाइयां बांटी जा रही हैं। 12-12 घंटे की शिफ्ट में दो फार्मासिस्ट दिनरात जनता की सेवा में काम कर रहे हैं। घर में जाने पर कहीं
घर वालों को बीमारी का खतरा न हो। इसके लिए पूरी बॉडी को सैनिटाइज कर रहे हैं।
-शमशेर सिंह, फॉर्मासिस्ट, उप जिला अस्पताल विकासनगर
महामारी के समय पुलिस लोगों के साथ है। 24 घंटे सड़कों पर घूम कर सेवाएं दी जा रही हैं। ड्यूटी के फेर में कई बार रात को ही भोजन हो पा रहा है।सैनिटाइज करने के लिए अपने साथ सैनिटाइजर के साथ ही मास्क भी रख रहे हैं।
गलियों में घूम-घूम कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
-गिरीश नेगी, एसएसआई
कोरोना संक्रमण के बीच धूप में 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। सुबह सात बजे ही ड्यूटी शुरू हो जा रही है जो रात्रि तक जारी रहती है। दोपहर के समय भोजन भी नहीं हो पा रहा है। आसपास के लोग चाय-पानी पिला देते हैं। पुलिस का काम आसान हो इसके लिए लोगों को बेवजह सड़कों पर नहीं निकलना चाहिए।
-हिमानी चौधरी, सब इंस्पेक्टर
बीते तीन दिन से मेरे साथ ही कई पुलिसकर्मी 12-12 घंटे दिन-रात सड़कों पर खड़े होकर बेवजह घूम रहे लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। दोपहर में थोड़ा समय निकालकर घर जाती हूं और अपने साथ ही अन्य साथियों के लिए भोजन पकाती हूं। लोगों को भी कोरोना फाइटर के रूप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
-निधि डबराल, सब इंस्पेक्टर
महामारी से बचाव के लिए पालिका कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गली और मोहल्लों में पैदल घूमकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दवा छिड़काव किया जा रहा है। इस कार्य के लिए गली-मोहल्लों में घूम-घम कर पालिकाकर्मियों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
-सुरेंद्र कुमार, सुपरवाइजर, नगर पालिका